Thursday, October 15, 2026

पीएम मोदी ने किया लेह एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन, जियोथर्मल हीटिंग सुविधा वाला देश का पहला टर्मिनल.

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लेह, 15 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लद्दाख में लगभग 3,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इनमें लेह के कुशोक बकुला रिम्पोची एयरपोर्ट की नई यात्री टर्मिनल बिल्डिंग, रणनीतिक सड़क संपर्क, जलविद्युत परियोजना, विरासत संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इन परियोजनाओं से लद्दाख के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इनसे लोगों की आवाजाही आसान होगी, बिजली और पानी की उपलब्धता में सुधार होगा तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

640 करोड़ रुपये की लागत से बना नया एयरपोर्ट टर्मिनल

लेह एयरपोर्ट की नई यात्री टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण करीब 640 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह लगभग 23,800 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली है। परियोजना से एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि लद्दाख की कठिन जलवायु और अत्यधिक ठंड को ध्यान में रखते हुए टर्मिनल में जियोथर्मल हीटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा का भी उपयोग किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, यह भारत का पहला एयरपोर्ट टर्मिनल है, जहां जियोथर्मल हीटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

नई व्यवस्था से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने और क्षेत्र में हवाई संपर्क बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क देश को समर्पित

प्रधानमंत्री ने 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क भी देश को समर्पित की। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने इस रणनीतिक सड़क का निर्माण किया है। यह मार्ग लेह के निम्मू को जांस्कर घाटी के रास्ते हिमाचल प्रदेश के दारचा से जोड़ेगा।

यह सड़क श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह मार्गों के अलावा लद्दाख के लिए एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में काम करेगी। इससे क्षेत्र में सड़क संपर्क मजबूत होने के साथ-साथ सशस्त्र बलों की आवाजाही और रसद व्यवस्था को भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस मार्ग से जांस्कर घाटी के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में भी लाभ होगा।

9 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन

लद्दाख में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने 9 मेगावाट की हनु लघु जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 66 केवी की डबल-सर्किट दाह-हनु-खलत्सी ट्रांसमिशन लाइन भी शुरू की गई।

इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बेहतर होने और स्थानीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सिंधु घाट पर बनेगा पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क

लद्दाख की प्राचीन विरासत के संरक्षण की दिशा में लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का भी उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ चट्टानों पर उकेरी गई प्राचीन आकृतियों और चित्रों को कहा जाता है, जो किसी क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी देते हैं।

इस पार्क का उद्देश्य इन ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक उनके महत्व को पहुंचाना है।

40 गांवों में जल संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट हिम सरोवर’

प्रधानमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट हिम सरोवर’ के तहत 40 गांवों में विकसित की गईं 40 जल संरचनाओं का भी उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य लद्दाख में पानी की उपलब्धता और उसकी मौसमी मांग के बीच के अंतर को कम करना है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, लद्दाख में किसानों को अक्सर बुवाई के समय पानी की कमी का सामना करना पड़ता है, जबकि बर्फ पिघलने और ग्लेशियरों से आने वाले पानी की उपलब्धता दूसरे समय में अधिक होती है।

‘प्रोजेक्ट हिम सरोवर’ के जरिए पानी उपलब्ध होने पर उसका संग्रह करने और जरूरत के समय इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इससे सिंचाई, कृषि आधारित आजीविका और क्षेत्र की दीर्घकालिक जल सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

लद्दाख के संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा

इस बीच गृह मंत्रालय की एक टीम के लेह पहुंचकर लद्दाख के नेतृत्व से बातचीत करने का कार्यक्रम भी बताया गया है। प्रस्तावित चर्चा में संवैधानिक सुरक्षा उपायों और स्थानीय निर्वाचित संस्थाओं को अधिकार देने से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में जमीन, संस्कृति, भाषा, वन, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण से जुड़े मामलों में स्थानीय संस्थाओं की भूमिका और अधिकारों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था के अंतिम स्वरूप और उसे लागू करने की प्रक्रिया को लेकर किसी समझौते या संवैधानिक संशोधन को अंतिम रूप दिए जाने की पुष्टि आवश्यक होगी।

विकास परियोजनाओं से लद्दाख को मिलने की उम्मीद

लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल, रणनीतिक सड़क, बिजली परियोजनाओं और जल संरक्षण योजनाओं को लद्दाख के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं से पर्यटन, स्थानीय आवागमन, कृषि और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार की उम्मीद है।

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