पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई एक टिप्पणी पर बिहार में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बयान की आलोचना करते हुए खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी इस टिप्पणी पर नाराजगी जताई है।
यह विवाद पटना के बापू सभागार में आयोजित श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम के दौरान सामने आया। भाजपा नेताओं ने खरगे की टिप्पणी को सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के खिलाफ बताया है।
CM सम्राट चौधरी ने कांग्रेस से मांगी माफी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खरगे की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर सार्वजनिक मंच से ऐसी भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
सम्राट चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से इस मामले में तुरंत माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा भूलने का आरोप भी लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सभी राजनीतिक नेताओं को अपनी बात रखते समय शालीनता का ध्यान रखना चाहिए।
खरगे की टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामा
मिली जानकारी के अनुसार, पटना में श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खरगे ने विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सामने आने की भी जानकारी दी गई है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि संबंधित तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
संजय सरावगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने खरगे के बयान की निंदा करते हुए इसे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक विरोध में मर्यादा का ध्यान नहीं रख रहे हैं।
सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के वोट चोरी संबंधी आरोपों को भी खारिज किया और पार्टी को अपने राजनीतिक रुख पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।
नित्यानंद राय ने भी जताई नाराजगी
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी खरगे की टिप्पणी को अमर्यादित और निंदनीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक विरोध के दौरान प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बना रहे हैं।
राय ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता और भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले पर जवाब देने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को घेरा
खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा से जुड़ा मुद्दा बताया और कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग दोहराई।
इस बयान के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले को लेकर दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं और टिप्पणी का पूरा संदर्भ महत्वपूर्ण रहेगा।
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