पटना | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
दिसंबर में पटना का गांधी मैदान एक बार फिर किताबों, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (CRD) की ओर से आयोजित 42वां पटना पुस्तक मेला 4 से 15 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इस बार मेले में पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री के साथ सिनेमा, कला, कविता, खानपान, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े 350 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मेले में करीब 200 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां देश के प्रमुख प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध होंगी। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष का पुस्तक मेला बिहार गीत के रचयिता लोककवि सत्यनारायण को समर्पित रहेगा। मेले के अध्यक्ष और साहित्यकार रत्नेश्वर ने इसकी जानकारी दी।
200 स्टॉल पर मिलेंगी अलग-अलग विषयों की किताबें
पुस्तक मेले में प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, ज्ञानपीठ, उपकार प्रकाशन, हिन्द युग्म, साहित्य अकादमी, एनसीपीयूएल और रेख्ता फाउंडेशन सहित कई प्रतिष्ठित प्रकाशकों की भागीदारी रहेगी।
पाठकों को साहित्य, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, बाल साहित्य और विभिन्न विषयों की पुस्तकें एक ही स्थान पर देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी को पढ़ने-लिखने के प्रति प्रोत्साहित करना भी है।
युवाओं के लिए ‘चिट्ठियां’ और ‘यूथ पोडियम’
युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए इस बार कई खास कार्यक्रम रखे गए हैं। ‘चिट्ठियां’ कार्यक्रम में ऐसी चिट्ठियां पढ़ी जाएंगी, जिन्हें लोगों ने कभी लिखा था और जो उनके जीवन की यादों से जुड़ी हैं। डॉ. विमलेन्दु चर्चित चिट्ठियों का पाठ करेंगे। शहर के युवा भी अपनी लिखी या जीवन को प्रभावित करने वाली चिट्ठियां साझा कर सकेंगे।
वहीं, डॉ. वरुण के संयोजन में ‘यूथ पोडियम’ आयोजित होगा। इसमें राजनीति, कला, साहित्य और संस्कृति के साथ बदलते सामाजिक परिवेश में युवाओं की भूमिका और चुनौतियों पर चर्चा होगी।
कविता और कहानी लिखने वालों को मिलेगा मंच
उत्कर्ष आनंद के संयोजन में ‘शब्दांकुर’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें युवा लेखक अपनी कविता, कहानी और व्यंग्य रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। चयनित रचनाकार को शब्दांकुर पुरस्कार दिया जाएगा। रचनाओं के चयन में निर्णायक मंडल के साथ दर्शकों की राय भी शामिल की जाएगी।
इसके अलावा हर दिन ‘काव्यकथा’ का आयोजन होगा। जयप्रकाश के संयोजन में देश के चर्चित कवि और कथाकार अपनी रचनाएं सुनाएंगे। मेले में एक बड़े कवि सम्मेलन का आयोजन भी प्रस्तावित है।
‘स्वाद विहार’ में साहित्य के साथ मिलेगा खानपान का आनंद
इस बार पुस्तक मेले में ‘स्वाद विहार’ विशेष आकर्षण रहेगा। आशीष कुमार के संयोजन में तैयार इस कार्यक्रम में बिहार के पारंपरिक व्यंजनों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों के पकवान भी उपलब्ध होंगे।
इसके लिए विशेष फूड लाउंज बनाया जाएगा। यहां लोग चाय और खानपान का आनंद लेते हुए किताबें भी पढ़ सकेंगे। इस तरह मेले में साहित्य के साथ स्वाद का अनुभव भी जुड़ने वाला है।
70 से अधिक स्कूलों के पांच हजार बच्चे दिखाएंगे प्रतिभा
विद्यार्थियों के लिए ‘हुनर’ कार्यक्रम आयोजित होगा। अंजनी धर के संयोजन में प्रतिदिन अलग-अलग प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इनमें कहानी लेखन, माइम शो, वेस्ट क्राफ्ट, सेल्फी चैलेंज, कलर लस्ट, ब्रेन ड्रेन और जैम गेम जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
आयोजकों के मुताबिक, इसमें 70 से अधिक स्कूलों के करीब पांच हजार बच्चों के भाग लेने की संभावना है। इसके अलावा ‘स्कूल उत्सव’ के तहत पटना के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे।
पुस्तक मेले में बनेगा विशेष सिनेमा हॉल
फिल्म प्रेमियों के लिए ‘सिनेमा-उनेमा’ फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मेले में अलग सिनेमा हॉल बनाया जाएगा, जहां हर दिन फीचर फिल्में, शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएंगी।
कुमार रविकांत के संयोजन में होने वाले इस आयोजन में फिल्म प्रदर्शन के बाद संबंधित विषयों पर चर्चा भी होगी। देश के विभिन्न हिस्सों से सिनेमा जगत के कलाकार और विशेषज्ञ इसमें शामिल होंगे। दर्शकों को उनसे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। फिल्म जगत की कुछ प्रमुख हस्तियों को सम्मानित करने की भी योजना है।
स्वास्थ्य संवाद में विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे जानकारी
पिछले वर्ष के आयोजन के बाद इस बार भी स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। डॉ. विकास शंकर के संयोजन में देश के प्रमुख डॉक्टर विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा करेंगे।
इस दौरान श्रोता विशेषज्ञों से अपने सवाल पूछ सकेंगे और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कला दीर्घा में प्रदर्शित होंगी कलाकारों की कृतियां
पुस्तक मेले में विशेष कला दीर्घा भी तैयार की जाएगी। मुकेश कुमार के संयोजन में यहां बिहार के युवा और वरिष्ठ कलाकारों के साथ लोक कलाकारों तथा पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।
इसके साथ ही कला से जुड़े विषयों पर रोजाना विमर्श और गोष्ठियां होंगी। विशिष्ट कलाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा। ‘नुक्कड़ के रंग’ कार्यक्रम में पटना के प्रमुख कॉलेजों के विद्यार्थी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगे।
जनसंवाद और रोजगार से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे
मेले में ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ और विद्वान लोगों से बातचीत करेंगे। इसका संयोजन प्रशांत रंजन करेंगे।
रेखा भारती मिश्रा के संयोजन में ‘कोचिंग मास्टर’ और ‘ज्ञान-रोजगार’ कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण और कोचिंग संस्थानों की भागीदारी रहेगी। इसके अलावा ‘युवा स्वर’, ‘नई किताब’ और ‘बिहार संवादी’ जैसे आयोजन भी मेले का हिस्सा होंगे।
देशभर के लेखक, पत्रकार और कवि होंगे शामिल
42वें पटना पुस्तक मेले में देश के कई चर्चित लेखक, पत्रकार, कवि और कथाकार हिस्सा लेंगे। आमंत्रित नामों में हर्ष वर्धन त्रिपाठी, अनंत विजय, पूनम सिंह, डॉ. विनय कुमार, किरण घई, जय प्रकाश पांडेय, मदन कश्यप, निवेदिता झा और संजय कुंदन शामिल हैं।
इसके अलावा अनिल विभाकर, चंदन सिंह, विनय सौरव, सर्वेश तिवारी, कुमार मुकुल, शहंशाह आलम, खुर्शीद अकबर, प्रेम किरण, श्वेता गजल और आराधना प्रसाद जैसे कवियों के भी शामिल होने की संभावना है।
कथाकारों में भावना शेखर, प्रभात प्रणीत, रीता सिंह, नीलिमा सिंह, उषा ओझा और किरण सिंह सहित कई साहित्यकारों के आने की उम्मीद है।
4 से 15 दिसंबर तक गांधी मैदान में साहित्यिक उत्सव
42वां पटना पुस्तक मेला 4 से 15 दिसंबर 2026 तक गांधी मैदान में आयोजित होगा। करीब 200 पुस्तक स्टॉल और 350 से अधिक कार्यक्रमों के साथ यह आयोजन साहित्य, सिनेमा, कला, खानपान, शिक्षा और रोजगार से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाने की तैयारी में है।
पुस्तक प्रेमियों के साथ विद्यार्थियों, युवाओं, कलाकारों और साहित्य में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी इस बार मेले में कई तरह की गतिविधियां रखी गई हैं।
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