Dhanbad News | 3 नवंबर 2026: झारखंड में विमानन क्षेत्र से जुड़ी तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की तैयारी है। धनबाद के बरवाअड्डा हवाई अड्डा परिसर में राज्य का पहला एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है। इस संस्थान के शुरू होने से विमान रखरखाव के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को राज्य में ही प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा।
वैन्योर एयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ सरकार का करार
इस कॉलेज की स्थापना और संचालन को लेकर झारखंड सरकार ने नई दिल्ली की कंपनी वैन्योर एयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। चयनित कंपनी को छात्रों की पढ़ाई, तकनीकी प्रशिक्षण और संस्थान के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कॉलेज शुरू करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की अनुमति जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस संबंध में डीजीसीए के अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है। नवंबर महीने में इस विषय पर आगे की चर्चा होने की संभावना है।
बरवाअड्डा एयरपोर्ट परिसर में उपलब्ध भवनों का होगा उपयोग
प्रस्तावित संस्थान के लिए बरवाअड्डा हवाई अड्डा परिसर में मौजूद भवनों का इस्तेमाल कर शैक्षणिक आधारभूत संरचना तैयार करने की उम्मीद है। कॉलेज में छात्रों के रहने की व्यवस्था के लिए हॉस्टल निर्माण या किसी आउटसोर्सिंग एजेंसी की मदद लेने की जिम्मेदारी भी वैन्योर एयर प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है।
सरकार को उम्मीद है कि अगले एक से दो महीनों में इस परियोजना को लेकर आगे की प्रगति जमीन पर दिखाई देने लगेगी। हालांकि, संस्थान के वास्तविक संचालन की शुरुआत जरूरी नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
12वीं में PCM के साथ 50 प्रतिशत अंक जरूरी
इस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित (PCM) विषयों से पढ़ाई करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए इंटरमीडिएट में कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी बताया गया है।
इस योग्यता वाले छात्र एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकेंगे। कॉलेज शुरू होने पर झारखंड के विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा हासिल करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने का अवसर मिल सकता है।
मैकेनिकल और एवियोनिक्स में मिलेगा प्रशिक्षण
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग के प्रशिक्षण में मुख्य रूप से दो तकनीकी क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता है।
1. मैकेनिकल स्ट्रीम: इसमें विमान के इंजन, एयरफ्रेम और अन्य यांत्रिक हिस्सों की देखरेख तथा रखरखाव से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है।
2. एवियोनिक्स स्ट्रीम: इस क्षेत्र में विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम, रेडियो, नेविगेशन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच एवं रखरखाव की जानकारी दी जाती है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के लिए विमानन क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर तलाशने का रास्ता खुल सकता है।
झारखंड के युवाओं को मिलेगा तकनीकी शिक्षा का नया विकल्प
धनबाद में प्रस्तावित यह संस्थान राज्य में विमानन से जुड़ी तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। खासकर विज्ञान विषयों से 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने का विकल्प मिलेगा।
फिलहाल कॉलेज की शुरुआत डीजीसीए की मंजूरी और अन्य जरूरी तैयारियों पर निर्भर है। इसलिए दाखिले की तारीख, सीटों की संख्या और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
Bharat Superfast News | Dhanbad Desk
