Friday, September 25, 2026

दोनों हाथों से गोली चलाता था मुख्तार अंसारी का शूटर अनुज कनौजिया

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अनुज कनौजिया मुख्तार गैंग के लिए करता था शूटरों की भर्ती, हत्याओं की रचता था साजिश, 5 साल से दे रहा था चकमा.

जमशेदपुर में यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया को ढेर कर दिया. मुठभेड़ में मारा गया बदमाश कुख्यात अपराधी था. उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर जैसे 23 संगीन मुकदमे मऊ-गाजीपुर समेत कई जिलों में दर्ज थे. यूपी के अलावा बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में उसने आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था. वह कई साल से फरार चल रहा था.

लगातार ठिकाने बदल रहा था अनुज : अनुज कन्नौजिया मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य था. वह गैंग के लिए शूटरों की भर्ती करने के साथ हत्याओं की साजिश भी रचता था. हथियारों का शौकीन भी था. वह दोनों हाथ में पिस्टल लेकर एक साथ फायर करता था. अपने ठिकाने बदलने की वजह से वह अब तक बचता चला आ रहा था. अनुज कद में छोटा था, लेकिन जरायम की दुनिया में उसका खौफ काफी बड़ा था.

मुख्तार अंसारी के अच्छे दिनों में अनुज के मजे थे. वह मुख्तार का काफी भरोसेमंद था. वर्ष 2012 में अनुज गोरखपुर जिला कारागार में बंद था. मुख्तार के बुरे दौर की शुरुआत होने के बाद से ही अनुज की भी मुसीबत बढ़ गई. वह STF से बचने की पूरी कोशिश करता रहा. ठिकाने बदलकर लगातार चकमा देता रहा.

प्रेमिका को परेशान करने वाले को मार दी थी गोली : अनुज की पत्नी रीना राय मऊ जेल में बंद है. उसके साथ उसके 2 बच्चे भी हैं. अनुज से उसकी शादी के पीछे की कहानी थोड़ी फिल्मी है. दरअसल रीना को कोई युवक परेशान करता था. उसने अनुज से इसकी शिकायत की. इसके बाद अनुज ने उस युवक को गोली मार दी. इससे रीना अनुज को पसंद करने लगी. इसके बाद परिवार के खिलाफ जाकर उससे शादी भी कर ली. शादी के दौरान अनुज जेल में ही था. पुलिस कस्टडी में ही उसकी शादी कराई गई थी.

रंगदारी मांगे पर गिरफ्तार हुई थी रीना : शादी के बाद पति के जेल में होने के कारण रीना ही उसके अवैध धंधों को संभालने लगी. साल 2023 में रंगदारी के मामले में पुलिस ने रीना को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया था. अनुज कनौजिया पर पहले एक लाख रुपये का इनाम था. बीते गुरुवार को ही डीजीपी कार्यालय ने इनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी थी.

अनुज कनौजिया का आपराधिक इतिहास बहुत लंबा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर मऊ जिले के कोतवाली थाने में सबसे ज्यादा 6 मुकदमे दर्ज हैं. इसके अलावा रानीपुर में 5, दक्षिण टोला में 2 और चिरैयाकोट में 3 मुकदमे दर्ज हैं. गाजीपुर और आजमगढ़ में भी उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं.

मुठभेड़ के दौरान डीके शाही को लगी गोली : एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने झारखंड पुलिस के साथ मिलकर जमशेदपुर में शूटर अनुज को मार गिराया. वह मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के बहलोलपुर गांव का रहने वाला था. एनकाउंटर की अगुवाई एसटीएफ के डिप्टी एसपी डीके शाही ने की. मुठभेड़ में उन्हें भी गोली लगी है. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

5 साल से अनुज की तलाश की जा रही थी. 28 मार्च 2024 में मुख्तार अंसारी की मौत हो गई थी. एक साल बाद ही पुलिस ने मुख्तार के दाहिने हाथ रहे अनुज को भी ढेर कर दिया.

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