नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय रियल एस्टेट बाजार में मकानों की कीमतों में मजबूती देखने को मिली है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख शहरों में मांग के चलते देशभर में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमत सालाना आधार पर करीब 6% बढ़ी। इसके साथ ही औसत कीमत लगभग ₹9,629 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई।
हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में घरों की बिक्री की मात्रा में करीब 3% की कमी दर्ज की गई। इसके बावजूद संपत्तियों की ऊंची कीमतों के कारण रियल एस्टेट की कुल बिक्री वैल्यू में सालाना आधार पर लगभग 9% की वृद्धि हुई।
बेंगलुरु और हैदराबाद में मजबूत गतिविधि
रियल एस्टेट बाजार में दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों की सक्रियता खास तौर पर नजर आई। रिपोर्ट के अनुसार, तिमाही के दौरान बेंगलुरु में करीब 3.07 करोड़ वर्ग फुट और हैदराबाद में लगभग 3.43 करोड़ वर्ग फुट आवासीय बिक्री दर्ज की गई।
हैदराबाद में नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग भी काफी अधिक रही। यहां करीब 5.55 करोड़ वर्ग फुट नए प्रोजेक्ट बाजार में आए। वहीं मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) में लगभग 4.15 करोड़ वर्ग फुट की बिक्री के साथ बाजार अपेक्षाकृत स्थिर रहा।
दिल्ली-NCR में बिक्री कमजोर
दूसरी ओर, दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट बाजार में इस तिमाही अपेक्षाकृत सुस्ती दिखाई दी। क्षेत्र में नए आवासीय प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग घटकर लगभग 2.12 करोड़ वर्ग फुट रह गई।
बिक्री के मामले में भी NCR को झटका लगा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, यहां आवासीय बिक्री सालाना आधार पर करीब 27% घटकर 2.35 करोड़ वर्ग फुट रह गई।
कीमत बढ़ने से बढ़ी कुल बिक्री वैल्यू
रिपोर्ट का एक अहम निष्कर्ष यह है कि हाल के वर्षों में रियल एस्टेट बाजार की वृद्धि का बड़ा हिस्सा बिक्री की संख्या बढ़ने के बजाय संपत्तियों की कीमतों में वृद्धि से आया है।
यानी कम या स्थिर बिक्री वॉल्यूम के बावजूद महंगे घरों के कारण डेवलपर्स की कुल बिक्री राशि में इजाफा हुआ है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार की मौजूदा तेजी को समझने के लिए केवल बिक्री की संख्या देखना पर्याप्त नहीं है।
करीब 1.8 अरब वर्ग फुट मकान अभी बिकने बाकी
जून 2026 तक देश के प्रमुख बाजारों में लगभग 1.8 अरब वर्ग फुट आवासीय इन्वेंट्री बिना बिके होने का अनुमान है। मौजूदा बिक्री रफ्तार को देखते हुए इस स्टॉक को बाजार में खपने में करीब 1.9 वर्ष लग सकते हैं।
इसका मतलब है कि रियल एस्टेट बाजार में कीमतें भले ही बढ़ रही हों, लेकिन बिना बिकी संपत्तियों का स्तर अभी भी एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?
आने वाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि घरों की वास्तविक बिक्री कितनी तेजी से बढ़ती है। अगर बिक्री वॉल्यूम में लगातार सुधार होता है और बिना बिकी इन्वेंट्री घटती है, तो बाजार की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
फिलहाल तस्वीर मिश्रित है—कीमतों में तेजी और बिक्री वैल्यू में वृद्धि सकारात्मक संकेत हैं, जबकि कुछ बड़े बाजारों में बिक्री की सुस्ती और ऊंची अनसोल्ड इन्वेंट्री पर नजर रखना जरूरी होगा।
