रांची: थैलेसीमिया, सिकल सेल, हीमोफीलिया और अप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रहे मरीजों की समस्याओं को लेकर लहू बोलेगा संगठन ने रांची के सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि यदि तीन दिनों के भीतर मरीजों, उनके परिजनों और रक्तदाताओं से जुड़ी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
29 अगस्त को सिविल सर्जन से हुई थी मुलाकात
संगठन के मुताबिक, 29 अगस्त 2026 को 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रांची के सिविल सर्जन से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को हो रही परेशानियों से अधिकारी को अवगत कराया था।
इस दौरान संगठन की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। साथ ही गंभीर और आवश्यक मामलों को संबंधित उच्च अधिकारियों तक भेजने की मांग भी की गई थी।
अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का दावा
संगठन का आरोप है कि 29 अगस्त से 12 सितंबर तक पर्याप्त समय बीत जाने के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संगठन के अनुसार, इस संबंध में दिए गए मांग पत्र और स्मार-पत्र पर भी कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
लहू बोलेगा संगठन ने इसे मरीजों के हित से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। संगठन का कहना है कि जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी से मरीजों की समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद की जाती है।
तीन दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन
संगठन ने अब सिविल सर्जन को तीन दिनों का समय दिया है। उसका कहना है कि इस अवधि में मरीजों, उनके परिजनों और रक्तदाताओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने यह भी कहा कि रांची में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। ऐसे में गंभीर रक्त विकार से पीड़ित मरीजों की समस्याओं का लंबे समय तक लंबित रहना चिंता का विषय है।
फिलहाल, संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका अगला कदम मरीजों और उनके परिजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा।
