Tuesday, October 13, 2026

झारखंड स्कूल आइडल 2026 में दिखेगा बच्चों का हुनर, 16 अक्टूबर तक जिला स्तरीय चयन.

Share

रांची | 13 अक्टूबर 2026: झारखंड के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपनी गायन और नृत्य प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने जा रहा है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से ‘झारखंड स्कूल प्रतिभा खोज 2026–झारखंड स्कूल आइडल: सुर और ताल संग्राम’ प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।

प्रतियोगिता के लिए जिला स्तर पर चयन की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद अलग-अलग प्रमंडलों में प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।

कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी ले सकेंगे हिस्सा

झारखंड स्कूल आइडल 2026 में विद्यार्थियों को उनकी कक्षा के आधार पर दो वर्गों में बांटा गया है।

  • कनिष्ठ वर्ग: कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी।
  • वरिष्ठ वर्ग: कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी।

प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देना है।

गायन और नृत्य की विभिन्न विधाओं में मिलेगा मौका

प्रतिभागी अपनी रुचि और कला के अनुसार गायन तथा नृत्य की अलग-अलग विधाओं में प्रस्तुति दे सकेंगे।

गायन प्रतियोगिता की प्रमुख विधाएं:

  • एकल गायन
  • लोकगीत
  • देशभक्ति गीत
  • शास्त्रीय गायन

नृत्य प्रतियोगिता की प्रमुख विधाएं:

  • एकल नृत्य
  • लोक नृत्य
  • शास्त्रीय नृत्य
  • मुक्त शैली का नृत्य

प्रत्येक प्रस्तुति के लिए 4 से 6 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। विद्यार्थियों को इसी समय सीमा के भीतर अपनी प्रस्तुति पूरी करनी होगी।

अक्टूबर में पांचों प्रमंडलों में होगा चयन

जिला स्तर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमंडल स्तर पर चयन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अलग-अलग प्रमंडलों के प्रतिभागियों का चयन इन तारीखों पर होगा:

तारीखस्थानसंबंधित प्रमंडल
22 अक्टूबर 2026पूर्वी सिंहभूमकोल्हान प्रमंडल
23 अक्टूबर 2026पलामूपलामू प्रमंडल
24 अक्टूबर 2026रांचीदक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल
25 अक्टूबर 2026हजारीबागउत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल
26 अक्टूबर 2026दुमकासंथाल परगना प्रमंडल

इन कार्यक्रमों के जरिए अलग-अलग जिलों से चुने गए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। राज्य स्तर पर चयन और कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थियों को अपने स्कूल या संबंधित शिक्षा विभाग से संपर्क करना चाहिए।

बच्चों की प्रतिभा को मंच देना है उद्देश्य

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग के अनुसार, प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत उस प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने की है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और कला-संस्कृति आधारित शिक्षा को महत्व देती है। झारखंड स्कूल आइडल जैसी प्रतियोगिताएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर सकती हैं।

स्कूलों में प्रचार-प्रसार करने की अपील

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों, जिला शिक्षा अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों से प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की है। साथ ही, स्कूलों में विद्यार्थियों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाशाली बच्चे इस पहल से जुड़ सकें।

झारखंड स्कूल आइडल 2026 क्यों है खास?

यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी क्षमता पहचानने का अवसर देगी। जिला से लेकर प्रमंडल स्तर तक चयन की प्रक्रिया बच्चों को अपनी प्रस्तुति बेहतर बनाने और बड़े मंच तक पहुंचने का मौका दे सकती है।

BHARAT SUPERFAST NEWS

Read more

Local News