रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की पांच रिपोर्टें सदन के पटल पर रखीं। इन रिपोर्टों में राज्य की विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के साथ-साथ वित्तीय स्थिति और राजस्व से जुड़े विषयों का ऑडिट शामिल है।
वित्त मंत्री ने सदन में जल जीवन मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित CAG रिपोर्टें पेश कीं। इसके अलावा राज्य की वित्तीय स्थिति और राजस्व से जुड़े ऑडिट निष्कर्षों वाली रिपोर्ट भी विधानसभा में रखी गई।
योजनाओं के क्रियान्वयन और खर्च का ऑडिट
CAG की रिपोर्टों में संबंधित योजनाओं के राज्य में क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया गया है। इनमें योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति, खर्च की प्रक्रिया और सामने आई संभावित अनियमितताओं से जुड़े बिंदुओं को शामिल किया गया है।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर आधारित रिपोर्टों में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और उनके लिए उपलब्ध कराई गई राशि के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई है।
वित्तीय स्थिति और राजस्व पर भी रिपोर्ट
विधानसभा में पेश की गई रिपोर्टों में झारखंड की वित्तीय स्थिति तथा राज्य के राजस्व से जुड़े मामलों का भी परीक्षण किया गया है। CAG की रिपोर्टों के जरिए सरकारी आय-व्यय और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित स्थिति का ऑडिट प्रस्तुत किया गया है।
इन रिपोर्टों के सदन में पेश होने के बाद संबंधित विभागों और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर उठाए गए ऑडिट बिंदुओं पर विधानसभा में आगे चर्चा की जा सकती है।
