रांची: झारखंड में मानसून के दौरान बारिश की स्थिति में पिछले कुछ सप्ताह में सुधार हुआ है। जून में कमजोर शुरुआत के बाद अगस्त में हुई बारिश ने राज्य के कुल वर्षा आंकड़े को बेहतर किया है। 1 जून से 19 अगस्त 2026 के बीच राज्य में 633.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 700.5 मिमी है। इस तरह राज्य में बारिश की कमी घटकर करीब 10% रह गई है।
हालांकि राज्य का औसत आंकड़ा सुधरा है, लेकिन कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। इससे खेती-किसानी को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
पश्चिमी सिंहभूम में सबसे अच्छी स्थिति
कुछ जिलों में मानसून सामान्य से बेहतर रहा है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य की तुलना में 48% अधिक बारिश दर्ज की गई है। खूंटी में 10%, सरायकेला-खरसावां में 9%, सिमडेगा में 8%, रांची में 7%, लातेहार में 4% और पूर्वी सिंहभूम में 1% अधिक बारिश हुई है।
लोहरदगा में बारिश का आंकड़ा सामान्य के आसपास रहा है।
पांच जिलों में 20% से कम कमी
कुछ जिलों में बारिश सामान्य से कम जरूर है, लेकिन कमी अभी 20% के स्तर से नीचे है। धनबाद में 7%, दुमका में 14%, रामगढ़ में 14%, जामताड़ा में 18% और साहिबगंज में 19% की कमी दर्ज की गई है।
इन जिलों में वर्षा की स्थिति गंभीर कमी वाली श्रेणी में नहीं पहुंची है।
11 जिलों में बारिश की कमी ज्यादा
राज्य के 11 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य के मुकाबले बारिश में 20% या उससे अधिक की कमी दर्ज हुई है।
- बोकारो: 24% कमी
- चतरा: 47% कमी
- देवघर: 46% कमी
- गढ़वा: 46% कमी
- गिरिडीह: 36% कमी
- गोड्डा: 28% कमी
- गुमला: 21% कमी
- हजारीबाग: 30% कमी
- कोडरमा: 44% कमी
- पाकुड़: 53% कमी
- पलामू: 29% कमी
इनमें पाकुड़ की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां सामान्य से 53% कम बारिश हुई है। चतरा, देवघर और गढ़वा में भी बारिश की कमी 46-47% के आसपास है। इन इलाकों में खेती के लिए आगे होने वाली बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जून में कमजोर रहा था मानसून
मानसून सीजन की शुरुआत झारखंड में कमजोर रही थी। जून के दौरान अपेक्षित बारिश नहीं होने से राज्य में वर्षा की कमी बढ़ गई थी। दक्षिण-पश्चिम मानसून के राज्य के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के बावजूद बारिश की गतिविधि शुरुआत में पर्याप्त मजबूत नहीं रही।
जुलाई में कुछ सुधार, अगस्त में बढ़ी बारिश
जुलाई में बारिश की स्थिति में कुछ सुधार जरूर आया, लेकिन पूरे राज्य की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। इस दौरान झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में मौसम की सक्रिय प्रणालियों के कारण कई हिस्सों में अच्छी बारिश भी हुई।
अगस्त में बारिश की गतिविधि बढ़ने के बाद राज्य के कुल वर्षा आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ। 19 अगस्त तक बारिश की कमी 10% तक पहुंच जाना इसका संकेत है।
किसानों के लिए आगे की बारिश अहम
राज्य का औसत वर्षा आंकड़ा भले ही सामान्य के करीब आया हो, लेकिन जिन जिलों में 20% या उससे अधिक की कमी है, वहां खेती की स्थिति आगे की बारिश पर काफी निर्भर करेगी। विशेष रूप से कम बारिश वाले जिलों में आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
