Thursday, August 20, 2026

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग ने पकड़ी रफ्तार, दूसरी तिमाही में बिक्री दोगुनी से ज्यादा.

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नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। 2026 की दूसरी तिमाही में देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में सालाना आधार पर 102 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि पूरे पैसेंजर कार बाजार की तुलना में काफी अधिक रही, जहां इसी अवधि में करीब 26 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज हुई।

यह आंकड़े साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) की रिपोर्ट में सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के पीछे नए मॉडल, कम संचालन लागत और बेहतर तकनीकी सुविधाएं प्रमुख वजहों में शामिल हैं।

नए इलेक्ट्रिक मॉडल से बढ़े विकल्प

ऑटो कंपनियां लगातार नए इलेक्ट्रिक मॉडल बाजार में पेश कर रही हैं। इससे ग्राहकों के पास पहले की तुलना में ज्यादा विकल्प उपलब्ध हुए हैं। अलग-अलग कीमत और सेगमेंट में इलेक्ट्रिक कारों की उपलब्धता बढ़ने से इनकी पहुंच भी व्यापक हुई है।

इसके अलावा पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों की रोजाना चलने की लागत कम होने के कारण भी ग्राहक EV की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। कंपनियों के पास पर्याप्त वाहन स्टॉक उपलब्ध होने से डिलीवरी का इंतजार भी पहले के मुकाबले कम हुआ है।

SUV और स्मार्ट कारों का बढ़ता प्रभाव

रिपोर्ट में भारतीय ऑटो बाजार में SUV की मजबूत स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। कुल कार बिक्री में SUV की हिस्सेदारी करीब 58 प्रतिशत बताई गई है। इस सेगमेंट की बिक्री में लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

साथ ही कनेक्टेड कारों की मांग भी बढ़ रही है। इंटरनेट आधारित सुविधाओं से लैस वाहनों की बिक्री में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ग्राहक अब वाहन में लोकेशन ट्रैकिंग, ऑनलाइन कनेक्टिविटी और सुरक्षा से जुड़े स्मार्ट फीचर्स को अधिक महत्व दे रहे हैं।

डिजिटल फीचर्स और ADAS की मांग बढ़ी

कारों के इंटीरियर में भी तकनीकी बदलाव तेजी से देखने को मिल रहे हैं। डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर से लैस वाहनों की बिक्री में करीब 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि डिजिटल कॉकपिट और बड़े टचस्क्रीन वाले मॉडल की मांग करीब 58 प्रतिशत बढ़ी।

सेफ्टी टेक्नोलॉजी के मामले में भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी है। एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम यानी ADAS से लैस वाहनों की बिक्री में लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस तकनीक में ड्राइवर को ब्रेकिंग और संभावित टक्कर से बचाव जैसी परिस्थितियों में सहायता देने वाले फीचर्स शामिल होते हैं।

त्योहारी सीजन से और बढ़ सकती है बिक्री

CMR के वरिष्ठ विश्लेषक अमित शर्मा के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन और नए इलेक्ट्रिक मॉडल की लॉन्चिंग से EV बाजार की गति आगे भी बनी रह सकती है।

रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, 2026 के अंत तक भारत के कुल पैसेंजर कार बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारतीय ऑटो बाजार में कीमत के लिहाज से किफायती वाहनों का दबदबा कायम है और करीब 98 प्रतिशत कारें 30 लाख रुपये से कम कीमत वाले सेगमेंट में आती हैं।

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