रांची: झारखंड में मानसून की सक्रियता के बाद खरीफ सीजन की खेती का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में धान की रोपाई शुरू हो चुकी है, जबकि अन्य खरीफ फसलों की बुआई भी जारी है। अगस्त में हुई अच्छी बारिश से किसानों को शुरुआती मौसम की कमी से काफी राहत मिली है।
खेतों में बढ़ी नमी, तेज हुई धान की रोपाई
बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी और कई स्थानों पर पानी उपलब्ध होने से धान की रोपाई में तेजी आई है। खेती का काम आगे बढ़ने के साथ अब किसानों की जरूरत खाद की ओर भी बढ़ गई है। फसलों की बेहतर वृद्धि के लिए किसान यूरिया और डीएपी समेत अन्य उर्वरकों की मांग कर रहे हैं।
कृषि कार्य के इस चरण में उर्वरक की उपलब्धता किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कई इलाकों में खाद की मांग बढ़ने के कारण किसान समय पर आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।
खाद की उपलब्धता पर विभाग की नजर
संभावित कमी और वितरण संबंधी दिक्कतों को देखते हुए किसानों ने खाद की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी रखने की मांग की है। उनका कहना है कि जरूरत के समय पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रहने से खेती का काम प्रभावित नहीं होगा।
कृषि विभाग की ओर से प्रखंड स्तर के साथ-साथ लैम्पस केंद्रों पर उर्वरक की उपलब्धता बनाए रखने की बात कही गई है। विभाग का उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अनावश्यक भीड़ या लंबी कतारों का सामना न करना पड़े।
फिलहाल मानसून की स्थिति बेहतर रहने से राज्य में खरीफ खेती को गति मिली है। आने वाले दिनों में बारिश और उर्वरक की उपलब्धता फसलों की स्थिति के लिए अहम रहेगी।
