Tuesday, July 14, 2026

झारखंड में उच्च शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी, विश्वविद्यालयों में रिक्तियां भरने और ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर.

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रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विश्वविद्यालयों में खाली पदों को भरने, छात्रावासों के बेहतर संचालन, ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था शुरू करने और तकनीकी संस्थानों के विस्तार को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को केवल खनिज आधारित राज्य की पहचान तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि ज्ञान और कौशल आधारित अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ना है। इसके लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए आवश्यक पदों की स्वीकृति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया।

ऑनलाइन क्लास और छात्रावास व्यवस्था पर फोकस

प्रोजेक्ट भवन में आयोजित उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बीबीएमके विश्वविद्यालय, धनबाद से करने की योजना है।

उन्होंने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा कर उन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पीपीपी मॉडल की संभावनाएं तलाशने को कहा। साथ ही झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को 15 दिनों के भीतर प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे।

बीआईटी सिंदरी को मिलेगा विश्वविद्यालय का दर्जा

मुख्यमंत्री ने बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। इसके लिए संबंधित विधेयक लाने की तैयारी की जाएगी। इसके अलावा राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए रोबोटिक्स फेस्टिवल आयोजित करने की योजना भी तैयार की जा रही है।

उन्होंने कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को जल्द पूरी तरह सक्रिय करने का निर्देश भी दिया।

नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर की योजना

राज्य में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चयनित जिलों में टेक्निकल एजुकेशन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित योजना के तहत पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज में तकनीकी शिक्षा केंद्रों के विकास की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित करने और इंजीनियरिंग कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्देश दिया। इन संस्थानों में उभरती तकनीकों से जुड़े विषयों जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी जोर दिया गया।

इसके साथ ही बीआईटी और जेआईटी जैसे संस्थानों के बेहतर संचालन के लिए काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस बनाने की दिशा में पहल करने को कहा गया।

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ बढ़ाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कल्याण विभाग के साथ समन्वय बनाकर जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को भी इस योजना से जोड़ने के लिए विशेष योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

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