Tuesday, August 18, 2026

झारखंड में 2014 से अब तक की प्रतियोगी परीक्षाओं की होगी समीक्षा, दोषियों पर कार्रवाई का दावा: दीपिका पांडेय सिंह.

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रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार ने समीक्षा का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से वर्ष 2014 से अब तक आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की समीक्षा की घोषणा के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने कहा कि छात्रों की ओर से सामने रखे गए मुद्दों पर सरकार ने विचार किया है और स्थिति के अनुसार कई अहम फैसले लिए गए हैं।

जांच में सामने आए तथ्यों को अभी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा

मंत्री के मुताबिक, छात्रों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और SIT की जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जांच की प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल इन जानकारियों को सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करते हुए परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार करना है।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा

मंत्री ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावशाली व्यक्ति होने के बावजूद किसी आरोपी को जांच से बाहर नहीं रखा जाएगा।

उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इसका नेटवर्क केवल एक राज्य तक सीमित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने पर जोर

राज्य सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम करेगी, जिसमें पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की संभावना को कम किया जा सके। मंत्री के अनुसार, परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान सुनिश्चित करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ संवाद और उनके सुझावों को परीक्षा सुधार की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक अभ्यर्थी को निष्पक्ष और समान अवसर मिल सके।

2014 से वर्तमान तक की व्यवस्थाओं की होगी समीक्षा

दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि समीक्षा का दायरा 2014 से लेकर वर्तमान समय तक हुई प्रतियोगी परीक्षाओं और उनसे जुड़ी व्यवस्थागत कमियों तक रहेगा।

जहां भी अनियमितता या प्रक्रिया में खामी सामने आएगी, वहां सुधार के साथ जिम्मेदारी तय करने और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के जरिए झारखंड को एक बेहतर और पारदर्शी मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

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