Sunday, October 25, 2026

झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मचारियों का आंदोलन छठ पूजा तक स्थगित, मांगें नहीं मानीं तो 18 नवंबर से हड़ताल.

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रांची: झारखंड में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने सरकार की ओर से मांगों के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद अपना आंदोलन छठ पूजा तक स्थगित कर दिया है। कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, समय पर वेतन भुगतान और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई बैठक में चर्चा की गई। हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है।

अपर मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक

झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ, जो भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध है, की 22 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों की लंबित मांगों, सेवा सुरक्षा और एंबुलेंस संचालन से जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार, निर्भर कुमार और भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी जय प्रकाश कौशिक मौजूद रहे।

संघ के मुताबिक, सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा पर चर्चा

बैठक में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने और मनमाने ढंग से बर्खास्तगी पर रोक लगाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संघ के अनुसार, किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच में राज्य की एनएचएम टीम, संबंधित जिले के सिविल सर्जन और कर्मचारी संघ की भागीदारी रहेगी। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना और कर्मचारियों के साथ अनुचित कार्रवाई की आशंका को कम करना बताया गया है।

वेतन भुगतान और कटौती पर भी बनी सहमति

बैठक में वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एस्क्रो अकाउंट की व्यवस्था पर सहमति बनने की बात कही गई। संघ के अनुसार, इससे स्वास्थ्य विभाग को वेतन भुगतान की निगरानी करने और मनमानी कटौती जैसी समस्याओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, एंबुलेंस खराब रहने या किसी कर्मचारी को केस नहीं मिलने की स्थिति में वेतन नहीं काटने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में भी कर्मचारियों को वेतन देने पर सहमति बनी है।

बैठक में समय पर वेतन भुगतान, न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, ईएसआईसी, अवकाश, जीवन बीमा और बोनस जैसी सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।

एंबुलेंस में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाने का प्रस्ताव

कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी एंबुलेंस में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाने पर सहमति बनने की जानकारी दी गई। साथ ही, कंपनी द्वारा एनएचएम की अनुमति के बिना नए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं किए जाने का मुद्दा भी बैठक में शामिल रहा।

वर्तमान एंबुलेंस टेंडर में जरूरी सुधार करने या निर्धारित प्रक्रिया के तहत नया टेंडर जारी करने के विकल्पों पर भी विचार किया गया। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए अपर मुख्य सचिव ने संघ से कुछ दिनों का समय मांगा।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल

संघ ने जिला अध्यक्षों और सचिवों के माध्यम से कर्मचारियों की सहमति लेकर छठ पूजा तक आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। हालांकि, संगठन ने चेतावनी दी है कि इस अवधि में किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुचित कार्रवाई होने पर 72 घंटे के भीतर निर्णय लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की जा सकती है।

संघ के अनुसार, यदि निर्धारित समय में मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं होता और बैठक में सहमति बने बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तो 18 नवंबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

संघ ने उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य विभाग तय अवधि में कर्मचारियों की मांगों पर आवश्यक कदम उठाएगा। इससे कर्मचारियों को राहत मिलने के साथ-साथ राज्य की 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का संचालन भी सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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