Thursday, October 22, 2026

झारखंड के दो जिलों में डिजिटल जनशिकायत पर जोर, कोडरमा में WhatsApp से भी दर्ज होगी शिकायत.

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रांची | 22 अक्टूबर 2026

Jharkhand News: झारखंड में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। कोडरमा और रामगढ़ में MEETA पोर्टल के जरिए जनशिकायतों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। कोडरमा में WhatsApp के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा शुरू की गई है, जबकि रामगढ़ में जिला प्रशासन ने विभिन्न पोर्टलों पर लंबित शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।

इन पहलों का उद्देश्य नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया आसान बनाना और प्रशासनिक कार्रवाई में जवाबदेही बढ़ाना है।

कोडरमा में WhatsApp से दर्ज कर सकेंगे शिकायत

कोडरमा जिला प्रशासन ने 22 अक्टूबर 2026 को MEETA पोर्टल से जुड़ी WhatsApp शिकायत सुविधा शुरू की। इसके लिए 77392-24365 मोबाइल नंबर जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

नागरिक इस नंबर पर संदेश भेजकर या संबंधित QR कोड स्कैन करके अपनी शिकायत प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। इस व्यवस्था से लोगों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने के लिए सरकारी कार्यालयों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है।

हालांकि, शिकायत दर्ज करने से पहले नंबर और प्रक्रिया की पुष्टि जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से करना उचित होगा।

फोटो और वीडियो के साथ भेज सकेंगे शिकायत

WhatsApp के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा में नागरिक समस्या से संबंधित फोटो, वीडियो और अन्य जरूरी जानकारी भी साझा कर सकते हैं। इससे संबंधित अधिकारियों को शिकायत की प्रकृति समझने और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

जिला प्रशासन का उद्देश्य शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ करना है। इस पहल को प्रशासन और आम लोगों के बीच संवाद बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

रामगढ़ में लंबित शिकायतों के निपटारे के निर्देश

रामगढ़ जिले में 29 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनशिकायतों के निष्पादन की समीक्षा की गई थी। इस दौरान MEETA Ramgarh Portal, CPGRAMS और झारसेवा पोर्टल पर लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा हुई।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने MEETA पोर्टल पर बची हुई शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य शिकायतों के निपटारे में देरी कम करना और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना है।

क्या है MEETA पोर्टल?

MEETA का पूरा नाम Monitoring & Effective Escalation for Timely Action है। यह जनशिकायतों की निगरानी और उनके समाधान की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली डिजिटल प्रणाली है।

इसके माध्यम से शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने, उनकी प्रगति पर नजर रखने और कार्रवाई की स्थिति दर्ज करने में मदद मिलती है।

कैसे काम करती है शिकायत निवारण व्यवस्था?

MEETA पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित प्रशासनिक अधिकारी या विभाग तक भेजा जाता है। इसके बाद संबंधित विभाग मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता है और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकता है।

नागरिकों को शिकायत की स्थिति जानने का माध्यम भी मिलता है। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि मामला किस स्तर पर है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है।

किन समस्याओं को लेकर कर सकते हैं शिकायत?

सरकारी विभागों के कार्यक्षेत्र में आने वाली विभिन्न जनसमस्याओं को संबंधित शिकायत निवारण माध्यमों से प्रशासन तक पहुंचाया जा सकता है। इनमें जमीन से जुड़े मामले, सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलना और सरकारी सेवाओं से संबंधित परेशानियां शामिल हो सकती हैं।

हालांकि, शिकायत स्वीकार करने और उस पर कार्रवाई की प्रक्रिया समस्या की प्रकृति तथा संबंधित विभाग के नियमों पर निर्भर करती है।

डिजिटल शिकायत से समाधान की उम्मीद, जवाबदेही अहम

कोडरमा में WhatsApp के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा से नागरिकों को एक अतिरिक्त माध्यम मिला है। वहीं, रामगढ़ में लंबित मामलों की समीक्षा से शिकायतों के निपटारे की गति और गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

लेकिन केवल डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज होना उसके समाधान की गारंटी नहीं है। वास्तविक परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित विभाग कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निपटारा किस तरह किया जाता है।

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