Thursday, July 2, 2026

जहानाबाद मंडल कारा में लाए गए प्रमोद चौधरी नामक कैदी की मौत….

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जहानाबाद मंडल कारा में बंद एक आरोपी की मौत के बाद परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर बवाला काटा. परिवारवालों का आरोप है कि पुलिस ने मृतक को बेरहमी से मारा इसलिए उसकी मौत हुई है. वहीं पुलिस ऐसे किसी भी प्रकरण से इंकार कर रही है.

शराब पीने के आरोप में मंगलवार की शाम जहानाबाद मंडल कारा में लाए गए प्रमोद चौधरी नामक कैदी की मौत के बाद उसके परिजनों ने आज सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया. परिजनों के हंगामा और विरोध के कारण कैदी का शव 7 घंटे तक सदर अस्पताल में ही पड़ा रहा. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने कैदी के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच पटना भेजा.

परिजनों ने लगाया मारपीट करने का आरोप

मृतक कैदी के परिजन पुलिस पर मारपीट करने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं. प्रमोद चौधरी अरवल जिले के मदन सिंह टोला गांव का रहने वाला था जिसे अरवल पुलिस ने शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किया था. 

एक्साइज के केस में पकड़ाया था मृतक:  जेलर  

जहानाबाद मंडल कारा के जेलर भोला प्रसाद शर्मा का कहना है कि जहानाबाद मंडल कारा में प्रमोद चौधरी को 8 सितंबर की शाम एक्साइज के केस में लाया गया था. उसके हाथ पैर में कंपन हो रहा था. मंडल कारा अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था. गुरुवार की सुबह उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और करीब चार-पांच बजे वह मूर्छित हो गया इसके बाद उसे सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. ये लोग शव को उठाने नहीं दे रहे हैं. 

मृतका की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

 इधर प्रमोद चौधरी की पत्नी फूलवंती देवी ने बताया कि पुलिस ने शराब पीने के आरोप में उसके पति को गिरफ्तार किया था उसके पति स्वस्थ थे उन्हें कोई बीमारी नहीं थी. गुरुवार की सुबह उन्हें फोन पर सूचना दी गई कि उनके पति बीमार हैं सदर अस्पताल जहानाबाद आ जाइए. यहां पहुंचने पर देखा कि उनके पति की मौत हो चुकी है. मृतक की पत्नी ने पुलिस पर मारपीट करने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. इधर जहानाबाद के एसपी विनीत कुमार ने बताया कि यह अरवल जिला का मामला है जहानाबाद पुलिस से उसका कोई संबंध नहीं है. 

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