रांची: डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच कथित विवाद को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। मामले को लेकर मंगलवार शाम रांची में एसोसिएशन की आपात बैठक हुई। संगठन ने कहा कि अगर विधायक की ओर से माफी नहीं मांगी जाती है, तो पुलिसकर्मी विरोध का रास्ता अपना सकते हैं।
काला बिल्ला लगाकर विरोध की तैयारी
एसोसिएशन के मुताबिक, विधायक और थाना प्रभारी के बीच हुई कथित फोन बातचीत में अभद्र भाषा और धमकी दिए जाने का आरोप है। संगठन ने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
बैठक के बाद एसोसिएशन ने संकेत दिया कि माफी नहीं मिलने पर पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। संगठन ने यह भी कहा कि आगे महासंघ के निर्देश के आधार पर दूसरे कदमों पर फैसला लिया जा सकता है।
21 अगस्त की घटना को लेकर लगाए गए आरोप
पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के अनुसार, 21 अगस्त की रात बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार को कथित रूप से विधायक के नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया था। संगठन का आरोप है कि बातचीत के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और भविष्य में सरकार बदलने पर कार्रवाई की धमकी दी गई।
एसोसिएशन का यह भी दावा है कि बाद में विधायक और उनके समर्थक थाना परिसर पहुंचे और वहां थाना प्रभारी के कार्यालय में कथित रूप से विवाद हुआ। संगठन ने कार्यालय की सामग्री को नुकसान पहुंचाने और नाम-पट्टिका तोड़े जाने का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, इन आरोपों पर विधायक जयराम महतो का पक्ष इस रिपोर्ट में सामने नहीं आया है। इसलिए मामले के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि पुलिसकर्मियों की चिंताओं और मौजूदा स्थिति पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की जानी चाहिए।
एसोसिएशन ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी को ऑफ ड्यूटी किए जाने पर भी सवाल उठाया है। संगठन के पदाधिकारियों ने आशंका जताई कि इससे थाना प्रभारी और वहां तैनात अन्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो सकती है।
पुलिसकर्मियों की गरिमा का मुद्दा उठाया
एसोसिएशन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के बीच संवाद में मर्यादा और संस्थागत सम्मान बना रहना जरूरी है। संगठन के अनुसार, पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
फिलहाल एसोसिएशन ने पूरे मामले में उचित कार्रवाई और सम्मानजनक समाधान की मांग की है। आगे विधायक की प्रतिक्रिया और सरकार की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
