हजारीबाग | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में हजारीबाग से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। पूर्व मंत्री और हजारीबाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ता ‘वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान’ के तहत दिल्ली पहुंचे।
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जयप्रकाश भाई पटेल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश की जनता के भरोसे और विश्वास को तोड़ा है। पटेल ने केंद्र सरकार से मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली कानूनी सुरक्षा तत्काल समाप्त करने की मांग भी की।
ज्ञानेश कुमार की कानूनी सुरक्षा समाप्त करने की मांग
जयप्रकाश भाई पटेल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जो कानूनी सुरक्षा प्रदान की है, उसका उद्देश्य उनके कथित कृत्यों को संरक्षण देना है।
उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने कानून के शासन को कमजोर किया है और चुनावी नतीजों में कथित हेरफेर से जुड़ी साजिश में भागीदारी की है। पटेल ने इन आरोपों के आधार पर कानूनी सुरक्षा समाप्त करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की आधारशिला हैं और मताधिकार की निष्पक्षता तथा विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।
राजीव रंजन प्रसाद ने भी लगाए आरोप
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सह जिला प्रभारी राजीव रंजन प्रसाद ने भी महारैली में मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित वोट चोरी के लिए आपराधिक साजिश रची गई।
कांग्रेस नेताओं ने रैली के मंच से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए।
हजारीबाग से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में हजारीबाग से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। जयप्रकाश भाई पटेल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई पदाधिकारी, पूर्व प्रत्याशी और स्थानीय नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पूर्व प्रत्याशी अरुण साहू, मुन्ना सिंह, आरसी मेहता, प्रदेश कोऑर्डिनेटर शैलेंद्र कुमार यादव, विनोद कुशवाहा, प्रदेश सचिव रेणु कुशवाहा और जिला कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष निसार खान सहित कई नेता शामिल हुए।
इसके अलावा दिलीप कुमार, रवि, बेबी देवी, सोनी मेहता, दीपक गुप्ता, निजामुद्दीन अंसारी, परवेज अहमद, नौशाद आलम, सुरेंद्र प्रसाद यादव, अब्दुल मनन वारसी, सुरेश प्रसाद दांगी, गुरु प्रसाद, गौतम प्रसाद मेहता, मकसूद आलम, लखराज सिंह, अनिल कुमार भुइयाँ, असीम कुमार, अब्बास अंसारी, सेवालाल महतो, विशेश्वर स्वर्णकार, बैजू गहलोत, रेवली पासवान, पूनम यादव, अरुण कुमार सिन्हा, कृष्ण प्रसाद, त्रिवेणी नायक, विजय रविदास, उत्तम महतो, बसंत मेहता, मोहम्मद हसनैन अंसारी, परमेश्वर कुमार महतो, रीतलाल महतो, मोहम्मद आरिफ, शारिक अख्तर, अशोक निराला, मुस्कान कुमारी, उर्मिला देवी और भीम महतो समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेताओं ने महारैली को लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया। पार्टी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
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