Tuesday, May 5, 2026

जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर अब शीघ्र ही 1 साथ 3 ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकेगा।

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जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर जल्द ही तीन ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा। 11.55 करोड़ की लागत से 53 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल पटरी बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। रैयतों को मुआवजा मिलेगा और मार्च से काम शुरू होगा। राइट्स लिमिटेड डीपीआर बना रही है। इससे मालगाड़ियों का परिचालन सुगम होगा और यात्री ट्रेनें समय पर चलेंगी। 2026 तक जमीन अधिग्रहण पूरा होने की उम्मीद है।

 जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर अब शीघ्र ही एक साथ तीन ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकेगा। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है। जमालपुर से भागलपुर के बीच लगभग 11.55 करोड़ की लागत से बनने वाली 53 किलोमीटर लंबी रेल पटरी बिछाने को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक प्रकिया शुरू कर दी गई है।

बताया जाता है कि रैयतों को मुआवजा के साथ-साथ रेल की नई पटरी बिछाने का मार्च से शुरू हो जाएगा। राइट्स लिमिटेड के अभियंता की टीम को नई रेल लाइन बिछाने के लिए डीपीआर बनाने का काम कर रही है। तीसरी नई रेल पटरी बिछाने के बाद इस रेलखंड पर माल गाड़ियों का परिचालन सुगमता पूर्वक होंगी।

यात्री ट्रेनों को भी समय पर भी चलेंगे। कई बार ऐसा देखा गया है कि लाइन खाली नहीं रहने की वजह से ट्रेन को अनावश्यक रूप से जहां तहां रोक दिया जाता है। इससे यात्री ट्रेनों का परिचालन विलंब होता है।

दक्षिणी ओर बिछेगी नई पटरी

वर्तमान में जमालपुर से भागलपुर रेल सेक्शन के दक्षिणी दिशा में लगभग 83 फीट जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया रेलवे ने शुरू की है। बताया गया कि जनवरी 2026 में अधिग्रहण के तहत आने वाले सभी रैयतों को जमीन संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।

सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मार्च तक रैयतों को मुआवजे की राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी। इसके बाद जल्द ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।

दो से तीन वर्ष का लग सकता समय

जानकारी के अनुसार जमीन अधिग्रहण, फाटक बंद एवं आरओबी निर्माण सहित कार्यो के दौरान तीसरी रेल लाइन को चालू होने में दो से तीन वर्ष का समय लग सकता है। काम के साथ कई रेलवे क्रासिंग ,संपर्क फाटक बंद किए जाएंगे और जगह-जगह पर आरओवी और एलएचएस जैसी वैकल्पिक व्यवस्था बनेगी । रतनपुर जैसी जगहों पर सुरंग और ब्रिज के नवीनीकरण भी प्रस्तावित है।

तीसरी रेल लाइन बिछाने को लेकर जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया है। तीन वर्षों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया के बाद पटरी बिछाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। – हेमंत कुमार, उप मुख्य अभियंता (निर्माण) पूर्व रेलवे, मालदा मंडल

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