धनबाद | 13 अक्टूबर 2026: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) में करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद मंगलवार को सीनेट की बैठक हुई। लगभग चार घंटे तक चली इस बैठक में करीब 27 एजेंडों को रखा गया, लेकिन इनमें से केवल 9 से 10 मुद्दों पर ही चर्चा हो सकी। ऐसे में कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय के लिए अब अगली बैठक का इंतजार करना होगा।
बैठक में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन, छात्रों की उपस्थिति, पुस्तकालय के लिए किताबों की खरीद, प्रयोगशालाओं के लिए आवंटित राशि के उपयोग और क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई जैसे मुद्दे उठाए गए। अगली सीनेट बैठक 30 नवंबर को निर्धारित की गई है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर भी चर्चा होगी।
सीनेट की बैठक में कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल
लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक में धनबाद विधायक राज सिन्हा, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक समेत अन्य सीनेट सदस्य शामिल हुए।
बैठक का उद्देश्य विश्वविद्यालय से जुड़े शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय विषयों पर चर्चा करना था। हालांकि, निर्धारित समय में सभी एजेंडों पर विचार नहीं हो सका। अब शेष मुद्दों पर आगे की बैठक में चर्चा किए जाने की संभावना है।
वेतन और पेंशन भुगतान से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी
सीनेट की बैठक में विश्वविद्यालय कर्मचारियों के वेतन भुगतान और पेंशन से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे जुड़े मामलों पर चर्चा के दौरान कर्मचारियों के वित्तीय हितों से संबंधित मुद्दे सामने आए।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के लिए किताबें खरीदने के मद में सरकार को वापस हो चुकी राशि फिर से उपलब्ध कराने का विषय भी उठाया गया। सदस्यों ने इस दिशा में आवश्यक पहल करने पर जोर दिया, ताकि पुस्तकालय में अध्ययन सामग्री की उपलब्धता बेहतर हो सके।
प्रयोगशालाओं की राशि का जल्द उपयोग करने की मांग
बैठक में विश्वविद्यालय और कॉलेजों की प्रयोगशालाओं के लिए आवंटित राशि के उपयोग का मुद्दा भी उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि उपलब्ध धनराशि का समय पर इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
प्रयोगशालाओं में संसाधनों की उपलब्धता और उनका प्रभावी उपयोग उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इस पर जल्द पहल करने की जरूरत जताई गई।
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने की मांग
सीनेट की बैठक में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। चंदनकियारी के विधायक उमाकांत रजक ने मांग की कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं करने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस मांग का उद्देश्य विद्यार्थियों में नियमित कक्षाओं के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना बताया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय का उल्लेख नहीं है।
कुड़माली, खोरठा और संथाली की पढ़ाई शुरू कराने पर जोर
सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो ने BBMKU में क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू कराने की जरूरत बताई। उन्होंने कुड़माली, खोरठा और संथाली जैसी भाषाओं को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया।
उनका कहना था कि क्षेत्र की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को उच्च शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा और स्थानीय संस्कृति के अध्ययन का अवसर मिल सकता है।
क्षेत्रीय भाषाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने का मुद्दा स्थानीय विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
30 नवंबर को होगी अगली बैठक, बजट पर होगी चर्चा
BBMKU की अगली सीनेट बैठक 30 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, मौजूदा बैठक में जिन एजेंडों पर विचार नहीं हो सका, उन्हें आगे उठाए जाने की संभावना है।
करीब छह साल बाद हुई सीनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए, लेकिन सीमित समय में सभी विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी। अब विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सुधार, कर्मचारियों के हित और क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
BHARAT SUPERFAST NEWS
