Saturday, July 11, 2026

गुंडा पंजी में अब जोड़े जाएंगे नए नाम, पहली वाली फाइल से नहीं चलेगा थानेदार का काम

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बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस मुख्यालय ने गुंडा पंजी को अपडेट करने और जेल से छूटे अपराधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। भागलपुर नवगछिया और बांका जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सतर्क किया गया है। पुलिस टीम अपराधियों का भौतिक सत्यापन कर रही है और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है

भागलपुर। प्रदेश में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्दे नजर पुलिस-प्रशासन अभी से कमर कसना शुरू कर दिया है। पुलिस मुख्यालय भी पुलिसिंग को लेकर विशेष सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार जनता दरबार में जिलों से आने वाली शिकायतों को लेकर भी कई अहम दिशा-निर्देश दिया है।

अब थानों में बने मौजूदा गुंडा पंजी से काम नहीं चलने वाला। थानाध्यक्ष को गुंडापंजी अपडेट करना होगा। थानेदार इसको लेकर गुंडा पंजी में नये दागियों के नामों को जोड़ने को लेकर अनुशंसा करना शुरू कर दी है। जेल से मुक्त होने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।

विधि-व्यवस्था के लिए ऐसे तत्वों से खतरे को देखते हुए एसएसपी हृदय कांत ने स्थानीय थानों की पुलिस टीम की मदद से ऐसे अपराधियों का भौतिक सत्यापन कराना शुरू कर दिया है जो जेल से जमानत पर बाहर निकल रहे हैं। ऐसे तत्वों के विरुद्ध पुलिस टीम अभी से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

जेल से निकले ये अपराधी कोई बड़ी वारदात को अंजाम दे विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करेंगे तो पुलिस उन्हें ऐसा मौका हाथ आने से पहले दबोच कर अंदर कर देगी। इसलिए ऐसे दागियों को पुलिस निगरानी के राडार पर ले लिया है। पुलिस मुख्यालय ने विशेष शाखा की रिपोर्ट पर रेंज के भागलपुर, नवगछिया और बांका जिले के पुलिस अधीक्षकों को इस बाबत सतर्क करते हुए सभी एहतियाती कदम उठाने को कहा है।

जेल से मुक्त होने वाले अपराधियों की भागलपुर, नवगछिया और बांका पुलिस भौतिक सत्यापन करने और उनकी निगरानी करनी शुरू कर दी है। रेंज की पुलिस अब जेल से मुक्त होने वाले अपराधियों की बाकायदा सूची बना उनकी गतिविधियां, पारिवारिक स्थिति, आय के स्त्रोत, सहयोगियों की निगरानी आदि का काम शुरू कर दिया है। अब ऐसे अपराधियों को रोज स्थानीय थाने में न सिर्फ हाजरी देनी होगी बल्कि यह बताना होगा कि वह कहां-कहां रहे, क्या-क्या किये, किनसे मिले। किसी तरह का गैरकानूनी कार्य तो नहीं किये।

यही नहीं जेल से मुक्त अपराधियों की निगरानी कर उनकी गैर कानूनी गतिविधियों को देख उनके विरुद्ध सीधी कार्रवाई पुलिस टीम करेगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों से थानों में मौजूद सेक्टर पंजी, गुंडा पंजी, असामाजिक तत्वों के नाम-पते-पहचान से जुड़ी पंजी को अपडेट करने को कहा है। गुंडा पंजी में पुराने नामों को ही फिर से नई पंजी में डाल देने वालों पर सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी। अब गुंडा पंजी में नये शातिर के भी नाम जोड़े जाएंगे ताकि उनकी निगरानी भी सधे तरीके से कराई जा सके।

चुनावी समय में खाकी सख्त, गिरफ्तारी-बरामदगी का रिकॉर्ड ध्वस्त

चुनावी वर्ष आते ही पुलिस टीम पूरी तन्मयता से काम करते हुए अपने हिस्से के सारे काम पूरा करते हुए समकालीन अभियान, विशेष अभियान चलाकर वारंटियों की तलाश शुरू कर दी है। विशेष अभियान हथियारों की बरामदगी, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, शराब तस्करों की गिरफ्तारी और शराब समेत सभी तरह के गीले और सूखे नशीली पदार्थ की बरामदगी को लेकर शुरू हो गई है।

अब पुलिस दूने कार्य बोझ को झटके से निष्पादित करने की जतन करने लगी है। अब पुलिस न सिर्फ लंबे समय से लंबित केसों के निष्पादन त्वरित गति से कर लेती बल्कि फरार अपराधियों, वारंटियों को भी ढूंढ निकाल ले रही है।

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