गंगा नदी पर ऐतिहासिक राजेंद्र सेतु के समानांतर बना नया डबल-ट्रैक रेल पुल लगभग तैयार है। रेलवे जल्द ही इसे परिचालन के लिए खोलेगा, जिससे मोकामा-बरौनी रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी। यह 1.86 किलोमीटर लंबा पुल 1500 करोड़ की लागत से 2016 में शुरू हुआ था। इसके चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा, ट्रेनों की गति बढ़ेगी और यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
पटना। गंगा नदी पर ऐतिहासिक राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाए गए नए डबल-ट्रैक रेल पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे द्वारा जल्द ही इस पुल को परिचालन के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके चालू होने से मोकामा-बरौनी रेलखंड पर रेल यातायात को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और वर्षों से चली आ रही ट्रेनों की आवाजाही की समस्या काफी हद तक दूर होगी।
नया रेल पुल 1.86 किलोमीटर लंबा है और इसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। अब तक राजेंद्र सेतु पर एक ही रेल लाइन से ट्रेनों का संचालन होता था, जिसके कारण ट्रेनों को लंबा इंतजार करना पड़ता था और समयपालन प्रभावित होता था। नए पुल के शुरू होने से दोहरी पटरियों पर एक साथ ट्रेनों का परिचालन संभव हो सकेगा, जिससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रा समय में कमी आएगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 1,500 करोड़ की लागत आई है। इस पुल की आधारशिला वर्ष 2016 में रखी गई थी। तकनीकी चुनौतियों, गंगा के जलस्तर और निर्माण के दौरान आई अन्य बाधाओं के बावजूद कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।
लगभग 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यह पुल अब बनकर तैयार हो गया है। पुल पर स्टील के स्लीपर लगाए गए हैं। इस वजह से इस स्लीपर पर बिछाए जाने वाले ट्रैक पर 110 किमी. की रफ्तार से ट्रेनें गुजर सकती हैं।
नए रेल पुल के चालू होने से न सिर्फ यात्री ट्रेनों को लाभ मिलेगा, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन में भी तेजी आएगी। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा। पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर और आसपास के जिलों के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस पुल से रेल नेटवर्क की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ट्रेनों की देरी की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी। इसके साथ ही पुराने राजेंद्र सेतु पर भार कम होने से उसकी संरचनात्मक सुरक्षा और सेवा अवधि भी बढ़ेगी।
रेलवे की योजना है कि नए पुल पर ट्रेनों का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होते ही इसे आम परिचालन के लिए खोल दिया जाए। नया पुल वर्तमान राजेंद्र पुल के समानांतर और पटना छोर की तरफ वर्तमान पुल से 60 मीटर की दूरी पर बना है। अप्रोच लाइन सहित कुल लंबाई 14 किलोमीटर होगी। 14 किलोमीटर डबल लाइन वाली यह ब्रिज पूरी तरह विद्युतीकृत होगी।
वर्ष 2016 के जून से इस प्रोजेक्ट का काम शुरू हुआ था। दिसंबर 2023 तक काम पूरा होने की डेडलाइन थी। निर्माणाधीन नए पुल के दोनों छोर के स्टेशन वर्तमान में उत्तर में स्थित हथिदह, टाल और रामपुर डुमरा एवं दक्षिण में राजेंद्र पुल और बरौनी स्टेशन से जुड़ गए हैं।
दानापुर मंडल के डीआरएम विनोद कुमार ने बताया कि राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाए गए डबल ट्रैक रेल पुल पर जल्द ही ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की योजना है। पुल का निर्माण पूरा हो गया है।


