चतरा, 14 अगस्त 2026: केंद्र सरकार के प्रस्तावित खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। इसी क्रम में चतरा स्थित आम्रपाली कोल परियोजना में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कोयला उत्पादन और डिस्पैच गतिविधियां रोकने का दावा किया।
पार्टी नेताओं के मुताबिक, आंदोलन के शुरुआती चरण में परियोजना में खनन और कोयला परिवहन से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हुईं। झामुमो ने संकेत दिया है कि यदि केंद्र सरकार विधेयक को लेकर अपने रुख में बदलाव नहीं करती है तो विरोध का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार का मुद्दा
झामुमो के चतरा जिलाध्यक्ष नीलेश ज्ञासेन ने कहा कि पार्टी इस विधेयक को झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मानती है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित बदलावों से राज्य के हित प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक तरीके से राज्य के अधिकारों और खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।
आंदोलन को विस्तार देने की चेतावनी
पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष नितेश राणा ने कहा कि आम्रपाली परियोजना से विरोध की शुरुआत की गई है। आगे पार्टी नेतृत्व के निर्देश के अनुसार आंदोलन को अन्य क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े अधिकारों के मुद्दे पर पार्टी कार्यकर्ता एकजुट हैं। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में झामुमो समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगे बढ़ सकता है विरोध
झामुमो नेताओं ने कहा कि यदि केंद्र सरकार विधेयक वापस नहीं लेती या उसमें बदलाव नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जा सकता है। पार्टी ने जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताया है।
