Wednesday, June 17, 2026

क्रूड ऑयल गिरने से राहत, लेकिन कमजोर मानसून की चिंता के बीच बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी की तीन दिनों की तेजी थमी; बाजार सपाट

Share

मुंबई: बुधवार, 17 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में तीन दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया है. आज सुबह के कारोबार में बाजार में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिख रहा है और यह बिल्कुल सपाट कारोबार कर रहा है.

शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 76,817.58 अंक पर देखा गया, जिसमें केवल 8.58 अंकों की मामूली बढ़त रही. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 1 पॉइंट की मामूली गिरावट के साथ 23,988 अंक पर कारोबार कर रहा है. इससे पहले सुबह बाजार अच्छे उछाल के साथ खुला था, जहां सेंसेक्स ने 77,093.17 का ऊंचा स्तर भी छुआ था, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के कारण बढ़त खत्म हो गई.

किन सेक्टरों में है तेजी और कहां है मंदी?
आज बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है. कुछ क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी हो रही है, तो कुछ में बिकवाली का दबाव है:

बढ़त वाले सेक्टर्स: आज सबसे ज्यादा फायदा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (घर में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे फ्रिज, एसी आदि) सेक्टर में है, जो 1.26% ऊपर है. इसके अलावा आईटी (IT), मीडिया, फार्मा (दवा कंपनियां) और हेल्थकेयर शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हो रही है.

गिरावट वाले सेक्टर्स: सबसे ज्यादा मार मेटल और रियल्टी सेक्टर्स पर पड़ी है. मेटल इंडेक्स 0.87% और रियल्टी 0.68% नीचे गिर गए हैं. इसके साथ ही ऑटो, प्राइवेट बैंक और सरकारी बैंक के शेयर भी लाल निशान में यानी घाटे में चल रहे हैं.

नुकसान वाले मुख्य शेयर: निफ्टी की बड़ी कंपनियों में हिंडाल्को, एनटीपीसी, ट्रेंट, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, डॉ. रेड्डीज और एक्सिस बैंक के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है.

बाजार को प्रभावित करने वाले दो बड़े कारण
बाजार के जानकारों का कहना है कि इस समय दो मुख्य चीजें निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही हैं:

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिराव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार कमी आ रही है. पिछले 5 दिनों में ब्रेंट क्रूड लगभग 16% गिरकर 78.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों से तेल सस्ता हुआ है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल सस्ता होने से देश का खर्च घटेगा और रुपया मजबूत होगा. यह बाजार के लिए बहुत अच्छी खबर है.

कमजोर मानसून की चिंता: दूसरी तरफ, देश में मानसून की रफ्तार अभी थोड़ी धीमी है. बारिश कम होने से आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजें महंगी होने का डर है. इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों की कमाई और खर्च पर असर पड़ सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति सुधरेगी.

Read more

Local News