Monday, June 29, 2026

 कुछ स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए, जानें किन लोगों को इससे बचना चाहिए…

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नहाना हमारी दिनचर्या का एक हिस्सा है और नहाना शरीर के लिए बेहद आरामदायक होता है. कुछ लोग सुबह नहाना पसंद करते हैं, तो कुछ रात में. वहीं, हममें से कुछ लोग गर्म पानी से नहाना पसंद करते हैं, तो कुछ ठंडे पानी से. आपको बता दें, ठंडे पानी से नहाने से आप तरोताजा महसूस करते हैं और ठंडे पानी से नहाने के कई फायदे भी हैं.

दरअसल, ठंडे पानी से नहाने से अच्छी नींद आती है. यह सिर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करता है. नियमित रूप से ठंडे पानी से नहाने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है. इससे स्ट्रेस कम होता है. यह मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाता है. हालांकि, ठंडे पानी से नहाना हर किसी के लिए सूटेबल नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडे पानी से नहाना स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों के लिए हानिकारक है. इससे स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है. अब आइए जानते हैं कि किसे ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए…

किसे ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए?

रेनॉड डिजीज: इस समस्या से पीड़ित लोगों को किसी भी हालत में ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए. रेनॉड डिजीज से पीड़ित लोगों की उंगलियों और पैरों की उंगलियों में छोटी ब्लड वेसेल्स होती हैं जो ठंड या दबाव के संपर्क में आने पर संकरी हो जाती हैं. इससे ब्लड फ्लो बाधित होता है. इसलिए, ऐसी समस्या वाले लोगों को ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए. क्योंकि ठंडे पानी से नहाने से यह स्थिति और बिगड़ सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सुन्नपन, तेज दर्द, ठंड का एहसास और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

हार्ट डिजीज: अमेरिक हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों को भी ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए. ठंडे पानी से नहाने से हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों के ब्लड वेसेल्स सिकुड़ सकती हैं. कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है. इसके साथ ही, ठंडा पानी ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को बढ़ाता है. हार्ट डिजीज और कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित लोग ठंडे पानी से नहाने पर इन लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं. इसलिए हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों को ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए.

हाई ब्लड प्रेशर: नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन के मुताबिक, आजकल बहुत से लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं. ऐसे में उन्हें ठंडे पानी से नहाना नहीं चाहिए. ठंडे पानी से नहाने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. स्ट्रोक और दिल के दौरे जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए.

अस्थमा: अस्थमा से पीड़ित लोगों को इस मामले में बहुत सावधान रहना चाहिए. ठंड के संपर्क में आने से ब्रोंकोस्पाज्म नामक स्थिति हो सकती है. यह श्वसन नलिकाओं को संकुचित कर देती है. नतीजतन, सांस लेना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, अस्थमा के रोगियों की हालत और भी बिगड़ सकती है.

कम रोग प्रतिरोधक क्षमता (लो इम्यूनिटी): कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए. ठंडे पानी से नहाने से सर्दी-ज़ुकाम जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा, जो लोग पहले से ही सर्दी-ज़ुकाम की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें भी ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए. जो लोग किसी बीमारी से उबर रहे हैं या कीमोथेरेपी जैसे इलाज से गुजर रहे हैं, उन्हें भी ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए. इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) पर दबाव पड़ता है.

हाइपोथायरायडिज्म: हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को भी ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए. वे आमतौर पर ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं. इसलिए, ठंडे पानी से नहाने से शरीर का तापमान कम हो जाता है. इससे थकान और ठंड सहन न कर पाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

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