मुंबई: सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव के बावजूद बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, लेकिन ऑटोमोबाइल, ऑयल एंड गैस तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 273.55 अंकों यानी 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,928.15 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी-50 66.95 अंक (0.28 प्रतिशत) चढ़कर 24,317.15 के स्तर पर पहुंच गया।
ऑटो सेक्टर ने संभाली बाजार की कमान
दिनभर के कारोबार में ऑटो शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोल इंडिया और आयशर मोटर्स प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके अलावा मारुति सुजुकी और टेक महिंद्रा में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
रियल्टी और केमिकल शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर, रियल्टी और केमिकल सेक्टर में बिकवाली का असर दिखाई दिया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। अडानी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में रही नरमी
बड़े शेयरों की तुलना में व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.35 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो मुनाफावसूली का संकेत माना जा रहा है।
तकनीकी स्तरों पर बाजार की नजर
विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,300–24,400 का दायरा निकट अवधि का महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो आगे 24,500–24,600 तक तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं, कमजोरी की स्थिति में 24,200 पहला अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे फिसलने पर 24,000 का स्तर बाजार के लिए महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक समर्थन साबित हो सकता है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों की नजर आने वाले आर्थिक संकेतकों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बनी हुई है, जिनका असर अगले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।
