Thursday, April 30, 2026

ऋतुराज सिन्हा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को भारत के अगले दशकों की दिशा तय करने वाला नीति-दस्तावेज बताया।

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ऋतुराज सिन्हा ने केंद्रीय बजट 2026-27(Union Budget 2026) को भारत के अगले दशकों की दिशा तय करने वाला नीति-दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट अल्पकालिक लोकलुभावन खर्च के बजाय दीर्घकालिक, टिकाऊ और रोजगारोन्मुख विकास पर केंद्रित है। ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से बुनियादी ढांचा, उद्योग और शहरों का विकास होगा

पटना। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने केंद्रीय बजट 2026–27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि भारत के अगले दो–तीन दशकों की दिशा तय करने वाला नीति-दस्तावेज है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य अल्पकालिक लोकलुभावन खर्च नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, टिकाऊ और रोजगारोन्मुख विकास है।

सिन्हा ने कहा कि ₹12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड सार्वजनिक पूंजीगत व्यय के माध्यम से सरकार ने यह संकेत दिया है कि बुनियादी ढांचा, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और शहरों का विकास ही भविष्य की आर्थिक मजबूती की कुंजी है।

शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को बजट के केंद्र में रखकर युवाओं को ‘लाभार्थी’ नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र-निर्माण का भागीदार’ बनाने की स्पष्ट सोच दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए यह बजट ठोस अवसर लेकर आया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 1 लाख नए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयरगिवर्स के प्रशिक्षण का लक्ष्य, AVGC सेक्टर में 20 लाख संभावित नौकरियों की तैयारी, पर्यटन, खेल, डिजाइन और सेवाओं पर केंद्रित योजनाएं—ये सभी पढ़े-लिखे और कौशलयुक्त युवाओं के लिए नए रोजगार मार्ग खोलती हैं।

‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट’ पर केंद्रित उच्चस्तरीय समिति भविष्य की नौकरियों को ध्यान में रखकर नीति निर्माण का रोडमैप तैयार करेगी।

एमएसएमई और उद्यमियों के लिए बजट को निर्णायक बताते हुए सिन्हा ने कहा कि ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड, टी-रेड्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक ₹7 लाख करोड़ से अधिक की तरलता, और सरकारी खरीद में एमएसएमई भुगतान को और तेज करने के प्रावधान—ये सभी छोटे उद्यमों को ‘सर्वाइव’ से ‘स्केल’ करने में मदद करेंगे।

ईमानदार उद्यमियों का भरोसा मजबूत किया

अनुपालन को सरल बनाकर और सस्ती फाइनेंसिंग उपलब्ध कराकर सरकार ने ईमानदार उद्यमियों का भरोसा मजबूत किया है।

बिहार के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बजट 2026–27 राज्य को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में मजबूती से जोड़ता है। दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी सहित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार की कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक गति मिलेगी।

पटना में इनलैंड वॉटरवेज के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और औद्योगिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह ‘पूर्वोदय’ की भावना को जमीन पर उतारने वाला बजट है।

उन्होंने कहा कि यह बजट स्पष्ट करता है कि सरकार का उद्देश्य केवल संसाधनों का वितरण नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत आधारशिला तैयार करना है जिस पर आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और समावेशी भारत का निर्माण हो सके। यह बजट आज की जरूरतों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की आकांक्षाओं को भी ध्यान में रखता है।

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