भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज समाप्त हो गई. आरबीआई गवर्नर ने घोषणा की है कि रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा जाएगा. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू मुद्रास्फीति (महंगाई) को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है.
इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि फिलहाल आपकी होम लोन या कार लोन की ईएमआई (EMI) नहीं बढ़ेगी. साथ ही, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाली ब्याज दरें भी मौजूदा स्तर पर बनी रहेंगी. शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच, सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए सरकारी बैंकों की एफडी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है.
सरकारी बैंकों की FD दरें: कहां मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज?
निवेशकों की सुविधा के लिए हमने प्रमुख सरकारी बैंकों की ब्याज दरों का तुलनात्मक विवरण नीचे दिया है. इससे आप अपनी निवेश अवधि के अनुसार सही बैंक का चुनाव कर सकते हैं:
| बैंक का नाम | 1 साल की FD (ब्याज %) | 3 साल की FD (ब्याज %) | 5 साल की FD (ब्याज %) |
| इंडियन ओवरसीज बैंक | 6.50 (सबसे ज्यादा) | 6.10 | 6.10 |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 6.30 | 6.25 | 6.00 |
| स्टेट बैंक ऑफ इंडिया | 6.25 | 6.30 | 6.05 |
| पंजाब नेशनल बैंक | 6.25 | 6.30 | 6.10 |
| बैंक ऑफ इंडिया | 6.25 | 6.25 | 6.00 |
| केनरा बैंक | 6.25 | 6.25 | 6.25 |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 6.10 | 6.25 | 6.30 (सबसे ज्यादा) |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | 6.20 | 6.00 | 6.00 |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 6.20 | 5.25 | 5.00 |
| इंडियन बैंक | 6.10 | 6.05 | 6.00 |
| पंजाब एंड सिंध बैंक | 5.85 (सबसे कम) | 5.85 | 5.95 |
बाजार की गिरावट में ‘सुरक्षा कवच’ है FD
पिछले कुछ सत्रों से शेयर बाजार में चल रही गिरावट ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को काफी प्रभावित किया है. विशेष रूप से वे निवेशक अधिक चिंतित हैं जिनका 90% से अधिक पैसा इक्विटी (Shares) में लगा है. वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में ‘एसेट एलोकेशन’ का महत्व बढ़ जाता है.
एफडी न केवल आपको एक निश्चित और गारंटीड रिटर्न देती है, बल्कि बाजार की गिरावट के दौरान आपके मूलधन को भी सुरक्षित रखती है. सरकारी बैंकों में जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है, जिससे यह रूढ़िवादी निवेशकों के लिए पहली पसंद है. सीनियर सिटीजन को इन सभी दरों पर आमतौर पर 0.50% अतिरिक्त ब्याज मिलता है, जिससे उनका प्रभावी रिटर्न और भी बढ़ जाता है.
निवेश करने से पहले अपने नजदीकी बैंक शाखा या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम दरों और ‘स्पेशल एफडी स्कीम्स’ (जैसे 444 दिन या 777 दिन वाली योजनाएं) की जानकारी अवश्य लें, क्योंकि वहां ब्याज दरें सामान्य से अधिक हो सकती हैं.


