Monday, May 4, 2026

आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया गया, लिवर फेल्योर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल होगा।

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आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया गया है, जिसमें अब लिवर फेल्योर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल होगा। इस विस्तार से योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों को अब लीवर से संबंधित बीमारियों के इलाज में भी आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे बिहार के पटना जैसे शहरों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी

पटना। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज का दायरा और व्यापक हो गया है। योजना में पहली बार लिवर फेल्योर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज को शामिल किया गया है।

इसके साथ ही इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी एवं पैलिएटिव केयर जैसी नई विशेषज्ञ सेवाओं को भी जोड़ा गया है, जिससे गंभीर रोगों से पीडि़त मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी।

राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा समिति से मिली जानकारी के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के पैकेज दरों में भी 30 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।

इस संशोधन से निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज की वास्तविक लागत के अनुरूप भुगतान संभव होगा, जिससे अस्पतालों की भागीदारी बढ़ेगी और लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। लंबे समय से पैकेज दरों में संशोधन की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है।

योजना में शामिल नई सेवाओं के तहत इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के माध्यम से बिना बड़े ऑपरेशन के जटिल बीमारियों का इलाज संभव होगा। वहीं, पैलिएटिव केयर सेवाओं के जुडऩे से गंभीर और असाध्य रोगों से पीडि़त मरीजों को दर्द प्रबंधन, मानसिक सहयोग और जीवन की गुणवत्ता सुधारने वाली सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम विशेष रूप से कैंसर और अंतिम चरण की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहतकारी माना जा रहा है।

बिहार में आयुष्मान भारत योजना का कवरेज लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कुल 1.65 करोड़ परिवारों को जोड़ा जा चुका है, जिससे 4.13 करोड़ पात्र लाभार्थी आयुष्मान कार्ड के दायरे में आ गए हैं। यह देश के बड़े राज्यों में बिहार को अग्रणी बनाता है।

योजना का उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक बोझ से मुक्त करना है। नई बीमारियों और सेवाओं के शामिल होने से यह लक्ष्य और मजबूत होगा। हेल्थ बेनीफिट पैकेज 2.1 की जगह पैकेज 2022 में दरों में बढ़ोतरी से अस्पतालों में गुणवत्ता सुधरेगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। आयुष्मान भारत योजना एक समग्र और प्रभावी स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में बिहार में कार्य कर रही है। – शशांक शेखर सिन्हा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, स्वास्थ्य सुरक्षा समिति

पैकेज दरों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव एक नजर में-

बीमारी / प्रक्रियापूर्व की दरपटना में नई दरअन्य जिले में दर
पीसीएनएल350005270045000
पीटीसीए406005770050800
लिवर फेल्योर0017600094700
लिवर कैंसर006180058500
आइसीयू बिना वेंटीलेटर360050005000
आइसीयू वेंटीलेटर4500600060000

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