Wednesday, July 1, 2026

अमेरिका ने भारत की चार कंपनियों को अपनी पाबंदी सूची से बाहर कर दिया है.

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नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत की चार कंपनियों को अपनी पाबंदी सूची से बाहर कर दिया है. इन कंपनियों पर आरोप था कि वे रूस की सेना और फैक्ट्रियों को आधुनिक तकनीक और मशीनें सप्लाई कर रही थीं. अमेरिकी वित्त विभाग की संस्था ‘ऑफिफ ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ (OFAC) ने मंगलवार, 30 जून 2026 को इन कंपनियों का नाम अपनी ब्लैकलिस्ट से हटा दिया.

  • राहत पाने वाली चार भारतीय कंपनियां
  • इस फैसले से जिन चार कंपनियों को राहत मिली है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
  • लोकेश मशीन्स लिमिटेड (हैदराबाद): इस कंपनी पर रूस को बड़ी संख्या में मशीन टूल्स भेजने का आरोप था.
  • आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज (हैदराबाद): इस पर रूस की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को 100 से ज्यादा बार छोटे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स (माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स) भेजने का दावा किया गया था.
  • गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड (अहमदाबाद): इस कंपनी पर रूस को गाड़ियों और मशीनों में इस्तेमाल होने वाले रोलर बियरिंग्स भेजने के आरोप लगे थे.
  • शौर्य एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (नई दिल्ली): इस कंपनी पर रूस को रडार और रेडियो से चलने वाले उपकरण भेजने का आरोप था.
  • क्यों लगी थी पाबंदी?
  • अमेरिका ने इन कंपनियों पर मुख्य रूप से अक्टूबर 2024 में प्रतिबंध लगाए थे. अमेरिका का कहना था कि ये कंपनियां रूस-यूक्रेन युद्ध के समय रूस की मदद कर रही थीं. उस समय कुल 21 भारतीय कंपनियों और लोगों पर ऐसी कार्रवाई की गई थी. इसके बाद भारत सरकार ने अमेरिकी सरकार के साथ इस मामले पर लगातार बातचीत की, जिसके बाद अब इन चार कंपनियों का नाम हटाया गया है.
  • कंपनियों को क्या फायदा होगा?
  • इस फैसले से इन कंपनियों को बहुत बड़ी राहत मिली है. अब अमेरिका में फंसे इनके सारे पैसे और बैंक खाते तुरंत खोल दिए गए हैं. अब दुनिया की कोई भी बड़ी कंपनी या बैंक इनके साथ खुलकर बिजनेस कर सकते हैं.

इस अच्छी खबर के आते ही भारतीय शेयर बाजार में इन कंपनियों के शेयरों के दाम तेजी से बढ़ गए. गैलेक्सी बियरिंग्स कंपनी के शेयर में सीधे 20% की बढ़त देखी गई. वहीं, लोकेश मशीन्स के शेयर भी 5% से ज्यादा ऊपर चढ़ गए. जानकारों का मानना है कि इस फैसले से भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते और ज्यादा मजबूत होंगे.

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