Friday, July 3, 2026

अब आपको बार-बार बाथरूम नहीं जाना पड़ेगा? हैदराबाद के डॉक्टरों ने बनाई अनोखी डिवाइस, जानिए कैसे करेगी काम

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AINU के डॉक्टरों ने एक ऐसा डिवाइस डेवलप किया है, जिसे लगाने के बाद बिना किसी सर्जरी के PBNO बीमारी का इलाज हो जाता है.

Hyderabad-based AINU Hospital introduces revolutionary iTIND solution for urinary problems

एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (एआईएनयू) के डॉक्टरों ने मूत्र संबंधी समस्याओं के लिए एक अनोखा और इनोवेटिव समाधान पेश किया है. दरअसल, आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी के एक 38 वर्षीय व्यक्ति को पेशाब करने में बहुत कठिनाई हो रही थी. उसे बार-बार पेशाब आना, अधूरा खाली होना, और लगातार मूत्राशय भरा होना जैसी समस्या हो रही थी. बता दें, इस स्थिति को मेडिकल भाषा में प्राइमरी ब्लैडर नेक ऑब्स्ट्रक्शन (PBNO) के रूप में जाना जाता है.

PBNO क्या होता है?
प्राथमिक मूत्राशय गर्दन अवरोध (PBNO) एक मूत्र संबंधी स्थिति है जिसमें मूत्राशय की गर्दन पेशाब के समय ठीक से नहीं खुलती. इससे मूत्र प्रवाह बाधित होता है. यह स्थिति पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है). यह 55 वर्ष से कम उम्र के लगभग 33-45 फीसदी पुरुषों को प्रभावित करता है, जिन्हें पेशाब करने में कठिनाई होती है. यह आमतौर पर निचले मूत्र पथ के लक्षणों (LUTS) वाले व्यक्तियों में देखा जाता है.

AINU के डॉक्टरों ने बना दिया अनोखा डिवाइस
इस समस्या को हल करने के लिए, AINU के डॉक्टरों ने iTIND डिवाइस (Temporarily implanted Nitinol device) का विकल्प चुना, जो एक रिवॉल्यूशनरी ट्रांसप्लांट है जो देश भर में केवल चुनिंदा केंद्रों में उपलब्ध है. अब तक, AINU ने इस प्रोसेस से आठ रोगियों की सफलतापूर्वक मदद की है. AINU में कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. मद्दुरी विजय कुमार सरमा ने बताया कि यह डिवाइस मूत्रमार्ग के भीतर मूत्राशय की गर्दन पर लगाई जाती है और सात दिनों के बाद हटा दी जाती है. इस अवधि के दौरान, मूत्राशय की गर्दन पर तीन छोटे चैनल बनाए जाते हैं, जो सुचारू मूत्र प्रवाह सुनिश्चित करते हैं. हटाने के बाद भी, ये चैनल खुले रहते हैं, जिससे बिना किसी परेशानी के सामान्य पेशाब हो जाता है.

सर्जरी की कोई जरूरत नहीं
AINU के डॉक्टरों के मुताबिक यह एक सरल प्रक्रिया है जिसमें किसी सर्जरी या टिश्यू को हटाने की आवश्यकता नहीं होती है. पारंपरिक यूरोलॉजिकल सर्जरी के विपरीत जो यौन क्रिया को प्रभावित कर सकती है, iTIND के ऐसे कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं.

PBNO गंभीर असुविधा पैदा कर सकता है
PBNO गंभीर असुविधा पैदा कर सकता है. नॉर्मल पुरुषों को दिन में चार से पांच बार पेशाब आता है, वहीं, इसके विपरित PBNO से पीड़ित व्यक्तियों को हर घंटे पेशाब करने की इच्छा होती है, यह स्थिति सामाजिक शर्मिंदगी का कारण बन सकता है, जिससे व्यक्ति बैठकों में भाग लेने या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने से बचता है. कई लोग शर्म के कारण चिकित्सा सहायता लेने से भी बचते हैं, जिससे उनकी स्थिति खराब हो जाती है और लंबे समय तक पेशाब रोकने के कारण किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

डिवाइस ट्रांसप्लांट के तुरंत बाद मरीज ठीक हो गया
AINU के डॉक्टरों के द्वारा iTIND डिवाइस ट्रांसप्लांट कर इस रोग से पीड़ित रोगी की समस्या का तुरंत निदान किया गया, जिससे लक्षण पूरी तरह से ठीक हो गए. चूंकि यह प्रक्रिया आउट पेशेंट के आधार पर की जाती है, इसलिए रोगी उसी दिन घर जा सकते हैं. केवल स्थानीय एनेस्थीसिया की आवश्यकता होती है, जिससे यह हृदय या श्वसन संबंधी समस्याओं वाले व्यक्तियों के लिए भी सुरक्षित हो जाता है. इस प्रक्रिया से कोई निशान या टांके नहीं पड़ते और यौन क्रिया में कोई बाधा नहीं आता है.

डॉ. विजय कुमार सरमा ने आगे कहा कि iTIND डिवाइस प्रोस्टेट और मूत्राशय की गर्दन को प्रभावी ढंग से खोलता है, जिससे 5 से 7 दिनों के भीतर एक प्राकृतिक मूत्र चैनल बन जाता है. पारंपरिक उपचारों के विपरीत, (जिसमें प्रोस्टेट को आंशिक रूप से हटाना शामिल है) जिसके परिणामस्वरूप अक्सर स्खलन की हानि होती है – यह विधि पूरी तरह से गैर-आक्रामक है, यह सुनिश्चित करती है कि सामान्य यौन कार्य संरक्षित रहे.

(डिस्क्लेमर: यहां आपको दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुझाव केवल आपके समझने के लिए हैं. हम यह जानकारी कुछ अध्ययनों, चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवर सिफारिशों के आधार पर प्रदान कर रहे हैं. लेकिन, बेहतर होगा कि इन पर अमल करने से पहले आप अपने निजी डॉक्टर की सलाह ले लें.)

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