जमुई के नव नियुक्त जिलाधिकारी नवीन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा जिसमें कार्य संस्कृति को सुधारना और भ्रष्टाचार पर लगाम कसना शामिल है। उन्हें शिक्षा विभाग और कोषागार की कार्यशैली पर भी नजर रखनी होगी। अपने अनुभव के आधार पर वे मंगलवार को पदभार ग्रहण करेंगे और मुख्य सचिव की वीसी में भाग लेंगे। इसके बाद वे अधिकारियों से मिलेंगे और कार्यालयों का निरीक्षण करेंगे।
जमुई। नव पदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन को अलग-अलग चुनौतियों से निपटना होगा। उनके समक्ष एक तरफ बेपटरी हो चुकी कार्य संस्कृति को पटरी पर लाने की चुनौती होगी तो दूसरी तरफ अंचल कार्यालयों से लेकर मनरेगा तक के भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की मजबूत इच्छा शक्ति भी दिखानी होगी
जिला पदाधिकारी के लिए शिक्षा विभाग के गोरखधंधे से लेकर कोषागार की लापरवाह कार्यशैली पर भी नजर रखनी होगी। वैसे नव पदस्थापित जिला पदाधिकारी को लंबे समय तक प्रखंड क्षेत्र से लेकर सचिवालय स्तर तक का कार्य अनुभव है। इसका लाभ जमुई के लोगों को मिलने की काफी उम्मीद है।उम्मीद के पीछे ठोस वजह भी है। अब तक जमुई जिले में बिहार प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत होकर आए जिला पदाधिकारियों के क्रियाकलापों का बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। जनमानस से लेकर अधिकारियों व कर्मियों तक में उन अधिकारियों की एक अलग छवि रही है, जो आज भी गाहे-बगाहे चर्चा का विषय बन जाता है।


