Friday, May 1, 2026

अप्रैल महीने में जेपीसीसी गठित कर लिए जाने का प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की डेडलाइन फेल हो गई है.

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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमिटी) के गठन में लगातार देरी हो रही है. अप्रैल महीने के अंतिम दिन तक नई कमिटी घोषित करने की प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की घोषणा भी फेल हो गई. 30 अप्रैल 2026 तक नई प्रदेश कमिटी की घोषणा नहीं हो पाई.

अध्यक्ष की डेडलाइन फिर फेल

अप्रैल के दूसरे सप्ताह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और ओबीसी विभाग के चेयरमैन दिल्ली गए थे. नई प्रदेश कमिटी के लिए संभावित पदाधिकारियों की सूची लेकर दिल्ली पहुंचे कमलेश ने कहा था कि अप्रैल के अंतिम दिन तक नई पीसीसी घोषित कर दी जाएगी. लेकिन अब यह डेडलाइन भी बीत गई और नई कमिटी अभी तक घोषित नहीं हुई है

“नीचे से पार्टी को मजबूत कर रहे हैं”

इस देरी पर ईटीवी भारत ने पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा से बात की. राकेश सिन्हा ने कहा, “हम नीचे से पार्टी को ऊपर उठाने का काम कर रहे हैं और तमाम वर्गों की उसमें भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं. जब हम नीचे से लेकर ऊपर तक की सांगठनिक कमिटी में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं तो इस कार्य में समय तो लगेगा ही.”

राकेश सिन्हा ने आगे बताया कि पार्टी का यह एक्सरसाइज लगभग पूरा हो गया है. उन्होंने कहा कि संगठन में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य में टैलेंट हंट का आयोजन भी किया गया था, ताकि सभी समाज के योग्य लोगों को पार्टी में मौका मिल सके.

“25 साल में लीडरशिप पाइपलाइन नहीं बना पाए” – के राजू

पीसीसी गठन में हो रही देरी पर झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने साफ शब्दों में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, “हमने राज्य में कांग्रेस लीडरशिप का पाइपलाइन एससी, एसटी, ओबीसी और माइनोरिटीज वर्गों में ठीक से नहीं बना पाए.” के राजू ने स्वीकार किया कि अब जब पीसीसी गठित करने का काम चल रहा है तो लीडरशिप पाइपलाइन में इन वर्गों के बहुत कम नेता दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब कोशिश की जा रही है कि झारखंड कांग्रेस के लीडरशिप पाइपलाइन में अधिक से अधिक एससी, एसटी, ओबीसी और माइनोरिटीज के नेता शामिल हों, लेकिन यह एक दिन या एक साल में नहीं होगा. इसमें समय लगेगा.

राहुल गांधी के फॉर्मूले पर अड़े

प्रदेश प्रभारी के राजू ने देरी का कारण बताते हुए कहा कि राहुल गांधी के फॉर्मूले “जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी” को पूरा करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन राज्य बनने के बाद से अब तक इन वर्गों (एससी, एसटी, ओबीसी, माइनोरिटीज) में लीडरशिप को निखारने के लिए कोई खास प्रयास नहीं किए गए.

उन्होंने यह भी कहा कि जो प्रयास अब किए जा रहे हैं, उनका सकारात्मक प्रभाव संगठन में दिखेगा. पार्टी में प्रखंड, जिला या प्रदेश स्तर पर पदाधिकारी बनाते समय उनकी जवाबदेही भी तय की जा रही है.

कब बने थे केशव महतो कमलेश अध्यक्ष?

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर को पदमुक्त कर 16 अगस्त 2024 को केशव महतो कमलेश को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. उसके बाद से अब तक नई प्रदेश कांग्रेस कमिटी गठित नहीं हो पाई है और पुरानी कमिटी से ही काम चलाया जा रहा है.

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