आजकल सोशल मीडिया पर ‘नो शुगर चैलेंज’ बहुत पॉपुलर हो रहा है. बहुत से लोग दावा करते हैं कि अगर आप एक महीने तक चीनी या मीठी चीजें पूरी तरह से छोड़ दें, तो आपका वजन कम हो जाएगा, स्किन हेल्दी होगी और एनर्जी लेवल भी कमाल का होगा. मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सच है कि चीनी छोड़ने से वजन कम होता है और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है, लेकिन एक महीने में असल में कितना वजन कम होगा, यह किसी व्यक्ति की शारीरिक गतिविधि, कैलोरी की मात्रा और मेटाबॉलिज्म पर निर्भर करता है.आइए, इस खबर में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट सौरभ सेठी के अनुसार, उन अलग-अलग बदलावों के बारे में जानें जो चीनी छोड़ने के बाद शरीर में आते हैं.
एक महीने के लिए चीनी का सेवन कैसे कम करें?
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट सौरभ सेठी का कहना है कि सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, मिठाइयों, बेकरी प्रोडक्ट्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स के जरिए हम जो एक्स्ट्रा चीनी लेते हैं, वह अनजाने में शरीर में कैलोरी का बोझ बढ़ा देती है. ऐसे में एक महीने के लिए इन चीजों को छोड़ देना ही बेहतर है. सोडा और मीठी कॉफी की जगह पानी, कार्बोनेटेड पानी या बिना चीनी वाली चाय पिएं. साबुत अनाज वाली चीजें चुनें. ताजे फल, सब्जियां, कम फैट वाले प्रोटीन और साबुत अनाज बिना चीनी मिलाए आपका पेट भरा रखने में मदद करते हैं. जब आप एक महीने के लिए मिठाई पूरी तरह छोड़ देते हैं तो आपके शरीर में क्या बदलाव आते हैं?

शरीर में ये बदलाव आने लगते हैं…
जो लोग मीठा और कोल्ड ड्रिंक्स पीने के आदी हैं (चाहे वे इन्हें कम मात्रा में लेते हों या ज्यादा) अचानक इनका सेवन बंद कर देने से उनके शरीर में तेजी से बदलाव आने लगते हैं. उदाहरण के लिए…
शरीर में पानी की मात्रा में कमी: जब आप चीनी और प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट का सेवन बंद कर देते हैं, तो आपके शरीर में जमा ग्लाइकोजन का भंडार कम होने लगता है. ग्लाइकोजन अपने साथ पानी को बांधकर रखता है, इसलिए, चीनी का सेवन बंद करने के कुछ दिनों बाद आपको लग सकता है कि आपका वजन कम हो गया है. यह शरीर की चर्बी में कमी नहीं है, बल्कि यह केवल शरीर में पानी की मात्रा में आई कमी है. विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी छोड़ देने से इंसुलिन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है। जब इंसुलिन का स्तर गिरता है, तो किडनी शरीर में जमा अतिरिक्त पानी और सोडियम (नमक) को तेजी से बाहर निकाल देती हैं.
शरीर कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलता है और भविष्य की एनर्जी जरूरतों के लिए उन्हें मांसपेशियों और लिवर में ‘ग्लाइकोजन’ के रूप में स्टोर करता है. ग्लाइकोजन का हर ग्राम अपने साथ लगभग 3 से 4 ग्राम पानी बांधकर रखता है. जब आप कार्बोहाइड्रेट लेना बंद कर देते हैं, तो शरीर ऊर्जा के लिए इस जमा ग्लाइकोजन का इस्तेमाल करता है. जैसे-जैसे ग्लाइकोजन का भंडार खत्म होता जाता है, उससे बंधा हुआ पानी भी शरीर से बाहर निकल जाता है, जिसके परिणामस्वरूप वजन में तेजी से और साफ तौर पर कमी आती है.

शरीर के आकार में बदलाव: कुछ दिनों में पेट फूलना और चेहरे की सूजन में कम आने लगता है. यदि इसे एक महीने तक जारी रखा जाए, तो कैलोरी की कमी होगी और कुछ किलो वजन आसानी से कम हो जाएगा.
मीठा खाने की क्रेविंग कम होना और भूख पर बेहतर कंट्रोल- मीठी चीजें दिमाग में ‘रिवॉर्ड पाथवे’ को स्टिम्युलेट करती हैं. इसलिए, आप जितनी ज्यादा मिठाई खाते हैं, उन्हें दोबारा खाने की आपकी इच्छा उतनी ही ज्यादा होती है. हालांकि, जैसे ही आप शुगर-फ्री डाइट शुरू करते हैं, आपको पहले दो से तीन दिनों में बहुत ज्यादा क्रेविंग हो सकती है. फिर लगभग एक हफ्ते के बाद, दिमाग इस बदलाव के हिसाब से ढल जाता है. इससे भूख पर बेहतर कंट्रोल होता है, जिससे बेवजह स्नैकिंग और ज्यादा खाने की आदत कम हो जाती है. इसके अलावा, एनर्जी लेवल पूरे दिन स्टेबल रहता है, और नींद की क्वालिटी बेहतर होती है.

ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करना- जब आप बहुत ज्यादा चीनी खाते हैं, तो आपके ब्लड ग्लूकोज लेवल में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है. इससे आपको खाने के तुरंत बाद सुस्ती और नींद आने लगती है. चीनी का सेवन कम करने से आपके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद मिलेगी. नतीजतन, आप लंच के बाद कम थकान महसूस करेंगे और पूरे दिन ज्यादा एनर्जेटिक रहेंगे. आपका कॉन्संट्रेशन बेहतर होगा, और रात में आपकी नींद की क्वालिटी भी बेहतर होगी.
क्या सभी तरह की चीनी एक जैसी होती है?
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट सौरभ सेठी का कहना है कि प्रोसेस्ड फूड में मिलने वाली एक्स्ट्रा चीनी (जैसे कि सफेद चीनी और कॉर्न सिरप) शरीर के लिए नुकसानदायक होती हैं. हालांकि, फल और दूध जैसे नेचुरल फूड में मिलने वाली चीनी सुरक्षित होती है. चीनी के साथ-साथ, फल शरीर को फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी देते हैं. ये शरीर में ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं. इसलिए, फलों को पूरी तरह से अवॉइड करने की जरूरत नहीं है.
चीनी छोड़ने के दबाव में खुद को भूखा रखने या सख्त डाइट अपनाने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। आप छोटे और प्रैक्टिकल बदलाव करके अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं, जैसे कि…
- कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस से बचें.
- कॉफी और चाय में चीनी की मात्रा कम करें.
- खाने की चीजें खरीदते समय, उनके पीछे दिए गए ‘न्यूट्रिशनल लेबल’ को पढ़ें और बिना चीनी वाले प्रोडक्ट चुनें.
- पक्का करें कि खाने में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा हो.
ध्यान देने वाली बात
डॉक्टरों का सुझाव है कि एक महीने तक चीनी छोड़ने पर न सिर्फ आपका वजन कम हो सकता है, बल्कि लंबे समय में टाइप-2 डायबिटीज, पेट की चर्बी और दिल की बीमारी का खतरा भी कम हो सकता है.


