महाकुंभ के दौरान दिल्ली स्टेशन में भगदड़ की घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने यह फैसला लिया है. जिसे पूर्व मध्य रेलवे के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय रेलवे को निर्देश जारी किया गया है. इसके बाद पूमरे जोन में भी इसे लागू करने की कवायद शुरू होने जा रही है.
यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सफर को आसान बनाने में रेलवे की ओर से लगातार नयी सुविधाएं दी जा रही हैं. इसी कड़ी में अब अगर अंतिम समय में किसी ट्रेन का प्लेटफॉर्म किसी कारणवश बदलता है, तो उस ट्रेन को 10 मिनट अतिरिक्त रोका जायेगा. यात्रियों को परेशानी नहीं हो और ट्रेन न छूटे इसको देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है. सूत्रों के अनुसार, महाकुंभ के दौरान दिल्ली स्टेशन में भगदड़ की घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने यह फैसला लिया है. जिसे पूर्व मध्य रेलवे के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय रेलवे को निर्देश जारी किया गया है. इसके बाद पूमरे जोन में भी इसे लागू करने की कवायद शुरू होने जा रही है. खासकर के यह पटना जंक्शन, दानापुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र समेत जोन के सभी प्रमुख स्टेशनों पर लागू किया जायेगा.
अंतिम समय में प्लेटफॉर्म बदलने से लगानी पड़ती थी दौड़
अंतिम समय में ट्रेन का प्लेटफार्म परिवर्तित करने से यात्रियों विशेषकर बुजुर्गों व बच्चों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था. कई बार यात्री दौड़ते व गिरते हुए प्लेटफॉर्म पर जाते थे. इसके कारण कई बार दुर्घटनाएं होती थीं, तो कई बार यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती थी. रेलवे प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया तथा उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भविष्य में अगर अंतिम समय में ट्रेन का प्लेटफार्म परिवर्तन किये जाने पर ट्रेन को कम से कम 10 मिनट तक रोकने का निर्देश दिया है. खासकर बुजुर्ग व बच्चों को होने वाली तकलीफों को ध्यान में रखते हुए भी यह निर्णय लिया गया है.
बिना परिचालन अधिकारी के परमिशन का नहीं बदलेगा प्लेटफॉर्म
रेलवे ने 10 मिनट के अलावा अंतिम समय में प्लेटफॉर्म नहीं बदलने का भी निर्देश जारी किया है. निर्देश में यह भी कहा गया है कि अगर किसी कारणवश अंतिम समय में ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलना जरूरी होता है, तो उसकी अनुमति मंडल रेल के परिचालन अधिकारी लेंगे. यानी मंडल के परिचालन अधिकारी से बिना परमिशन स्टेशन मास्टर या डायरेक्टर खुद से प्लेटफॉर्म बदलने का निर्णय नहीं लेंगे.
यात्रियों की सुरक्षा व संरक्षा पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
दानापुर मंडल के सीनियर डीसीएम अभिनव सिद्धार्थ ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा व समय पर ट्रेन चले इसपर रेलवे खास ध्यान दे रही है. यही वजह है कि अधिकांश ट्रेनों का समय परिचालन किया जा रहा है. अंतिम समय में प्लेटफॉर्म बदलने के लिए परिचालन अधिकारी की स्वीकृति जरूरी होगी. अंतिम समय में प्लेटफॉर्म बदलता है तो ट्रेन को 10 मिनट या उससे अधिक देर तक रोका जायेगा.


