Sunday, October 4, 2026

Sukanya Samriddhi Yojana 2026: 8.2% ब्याज बरकरार, जमा से निकासी तक जानें जरूरी नियम.

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Sukanya Samriddhi Yojana Interest Rate 2026: बेटियों के भविष्य के लिए बचत करने वाले अभिभावकों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए इस योजना की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी सुकन्या समृद्धि खाते पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा।

वित्त मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा के बाद नई दरें जारी की हैं। इस तिमाही में सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम की दरों को पहले के स्तर पर ही बनाए रखा गया है।

8.2% ब्याज दर आगे भी जारी

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 8.2% तय है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की सरकार हर तीन महीने में समीक्षा करती है, लेकिन हर समीक्षा के बाद दर में बदलाव जरूरी नहीं होता।

बताया गया है कि छोटी बचत योजनाओं की दरों में पिछला बदलाव दिसंबर 2024 की समीक्षा के दौरान किया गया था।

10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम खुलता है खाता

सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार की बचत योजना है, जिसका उद्देश्य बेटियों के भविष्य के लिए वित्तीय बचत को बढ़ावा देना है। इसमें 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खोला जा सकता है।

योजना के प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:

नियमजानकारी
न्यूनतम वार्षिक जमा₹250
अधिकतम वार्षिक जमा₹1.50 लाख
योगदान की अवधिखाता खुलने से 15 वर्ष
खाते की परिपक्वताखाता खुलने के 21 वर्ष बाद
ब्याज दर8.2%
टैक्स लाभलागू आयकर नियमों के अनुसार

ब्याज की गणना कैसे होती है?

सुकन्या समृद्धि खाते में ब्याज की गणना महीने के दौरान मौजूद न्यूनतम बैलेंस के आधार पर की जाती है। इसके लिए महीने की 5 तारीख के बाद से महीने के अंत तक खाते में मौजूद रकम को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए जमा करने की तारीख का भी ब्याज पर असर पड़ सकता है।

न्यूनतम जमा नहीं किया तो क्या होगा?

खाते में हर वित्त वर्ष कम से कम ₹250 जमा करना जरूरी है। अगर किसी वर्ष यह न्यूनतम रकम जमा नहीं होती है, तो खाते को बाद में नियमित किया जा सकता है।

इसके लिए प्रत्येक डिफॉल्ट वर्ष के ₹250 के साथ ₹50 का जुर्माना देना होता है। खाते को 15 साल की जमा अवधि पूरी होने से पहले नियमित कराया जा सकता है।

बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे निकालने का नियम

बेटी के 18 वर्ष की उम्र पूरी करने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए खाते से निकासी की अनुमति है। निर्धारित शर्तों के तहत पिछले वित्त वर्ष के अंत में खाते में मौजूद राशि का अधिकतम 50% निकाला जा सकता है।

यह रकम एक साथ या अधिकतम पांच वर्षों में किस्तों के रूप में लेने का विकल्प हो सकता है।

कब बंद किया जा सकता है खाता?

सुकन्या समृद्धि खाता सामान्य अवधि पूरी होने से पहले केवल निर्धारित परिस्थितियों में बंद कराया जा सकता है। खाता खुलने के पांच साल बाद गंभीर बीमारी, अभिभावक की मृत्यु या अत्यधिक कठिनाई जैसी विशेष परिस्थितियों में प्री-मैच्योर क्लोजर की अनुमति दी जा सकती है।

बेटी की मृत्यु होने पर क्या होगा?

खाताधारक बेटी की मृत्यु होने की स्थिति में आवश्यक दस्तावेज, जैसे मृत्यु प्रमाण-पत्र, जमा करने के बाद खाता बंद किया जा सकता है। उपलब्ध नियमों के अनुसार खाते में जमा रकम और लागू ब्याज का भुगतान अभिभावक को किया जाता है। मृत्यु की तारीख से खाता बंद होने तक की अवधि के लिए ब्याज की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार होती है।

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