रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया किसी राजनीतिक दल या किसी एक राज्य को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि मतदाता सूची को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
मरांडी के मुताबिक SIR के तहत मृत मतदाताओं, दूसरे स्थान पर जा चुके लोगों और एक से अधिक जगह दर्ज नामों की पहचान कर सूची में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी दल के समर्थकों के नाम प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन यदि मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम हो रहा है तो इसे लेकर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर भी कांग्रेस-झामुमो पर निशाना
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और झामुमो की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी मरांडी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि उन्हें निर्वाचन आयोग के बजाय अपने राजनीतिक नेतृत्व और चुनावी प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और भाजपा के प्रदर्शन की तुलना की। मरांडी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति को समझने के लिए पिछले चुनावों के परिणामों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
राहुल गांधी पर मरांडी की टिप्पणी
राहुल गांधी को लेकर बाबूलाल मरांडी ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश या दुनिया में जहां बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो, वहां इलाज कराना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसका असर कांग्रेस के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों पर भी पड़ सकता है।
हेमंत सरकार पर भी लगाए आरोप
मरांडी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने आदिवासी छात्रावासों की स्थिति और जनजातीय विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस ने बयान पर जताई आपत्ति
मरांडी के बयान पर कांग्रेस के झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच भाजपा नेता मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
सिन्हा ने राहुल गांधी की राजनीतिक यात्राओं और गतिविधियों का उल्लेख करते हुए मरांडी की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके नेता कांग्रेस के सवालों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रहे हैं।
इस पूरे मामले में दोनों दलों के नेताओं ने अपने-अपने राजनीतिक पक्ष रखे हैं और SIR की प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उनके बीच मतभेद सामने आए हैं।
