Saturday, September 26, 2026

SIR के दौरान 2003 की मतदाता सूची को लेकर नोटिस, दस्तावेजों के साथ सुनवाई में पहुंचे लोग.

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रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 2003 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने या पुराने और मौजूदा पते में अंतर पाए जाने पर कई लोगों को नोटिस जारी किया गया है। शनिवार को नोटिस का जवाब देने के लिए कई लोग अपने जरूरी कागजात लेकर जेल चौक रोड स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय कार्यालय पहुंचे। यहां संबंधित मामलों की सुनवाई की जा रही है।

दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आईं विसंगतियां

SIR के तहत अलग-अलग स्थानों पर बूथ बनाकर मतदाता संबंधी जानकारी की जांच और मैपिंग की जा रही है। इस दौरान कुछ लोगों के दस्तावेज अधूरे मिले, जबकि कुछ मामलों में आधार कार्ड और मतदाता सूची में दर्ज नामों में अंतर सामने आया।

पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान जानकारी में अंतर मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।

नोटिस के बाद कागजात लेकर पहुंचे रिंकी और उमेश

सिंह मोड़ रोड नंबर-2 निवासी रिंकी और उमेश कुमार को 24 सितंबर को नोटिस दिया गया था। 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने के कारण दोनों से दस्तावेज मांगे गए थे।

शनिवार को दोनों वर्ष 2003 की बिहार मतदाता सूची, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात लेकर सुनवाई में पहुंचे।

सुमित से पुराने और मौजूदा पते को लेकर मांगा गया प्रमाण

सिंह मोड़ विकास नगर रोड नंबर-9 निवासी सुमित कुमार को करीब 15 दिन पहले नोटिस मिला था। उनके पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान पते में अंतर पाए जाने के बाद दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।

सुमित सुनवाई के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र और पैन कार्ड लेकर कार्यालय पहुंचे।

पूनम से माता-पिता की जानकारी से जुड़े दस्तावेज मांगे गए

सिंह मोड़ विकास नगर की रहने वाली पूनम कुमार सिंह को भी लगभग 10 दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में 2003 की मतदाता सूची में उनके माता-पिता से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया था।

इसके जवाब में वह मैट्रिक और इंटर के प्रमाणपत्रों के साथ आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर सुनवाई में पहुंचीं।

अक्षय कुमार भी प्रमाणपत्र लेकर पहुंचे

हटिया-हेसाग निवासी अक्षय कुमार को भी करीब 10 दिन पहले नोटिस देकर बुलाया गया था। 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने के कारण उनसे अपने दावे के समर्थन में प्रमाण मांगे गए थे।

अक्षय कुमार मैट्रिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचे।

दस्तावेजों के आधार पर हो रही सुनवाई

SIR के दौरान सामने आ रही ऐसी आपत्तियों और विसंगतियों के मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। शनिवार को भी कई लोग अपने रिकॉर्ड के साथ कार्यालय पहुंचे और सुनवाई में अपना पक्ष रखा।

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