मुंबई | 12 अक्टूबर 2026 भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू बाजार को सहारा मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 298 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी भी हरे निशान में खुला। ऑटो, मीडिया और केमिकल्स सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत
सोमवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई।
- BSE सेंसेक्स: 298.99 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,771.32 पर खुला।
- NSE निफ्टी 50: 72.75 अंक यानी 0.32 प्रतिशत मजबूत होकर 22,593.20 के स्तर पर खुला।
ये आंकड़े बाजार खुलने के समय के हैं। कारोबार के दौरान सूचकांकों में बदलाव हो सकता है।
ऑटो और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा रौनक
बाजार खुलने के बाद अधिकांश सेक्टोरल सूचकांकों में तेजी दिखाई दी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑटो और निफ्टी केमिकल्स में करीब एक प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा रियल्टी, ऑयल एंड गैस, सीमेंट, मेटल और आईटी सेक्टर के सूचकांकों में भी लगभग 0.64 से 0.81 प्रतिशत तक का सुधार देखने को मिला।
वहीं, सरकारी बैंकों के सूचकांक निफ्टी पीएसयू बैंक में शुरुआती कारोबार के दौरान 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को सहारा
शेयर बाजार की शुरुआती तेजी के पीछे वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को अहम वजह माना गया। कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश की अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव निवेशकों के लिए अब भी महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं। इन परिस्थितियों का असर शेयर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर
रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की खरीदारी इस दबाव को कम करने में मदद कर रही है।
बाजार की आगे की चाल पर विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक आंकड़ों का असर पड़ सकता है।
भारत की आर्थिक विकास दर से लंबी अवधि को उम्मीद
रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान दिया गया है। मजबूत आर्थिक विकास की संभावनाएं लंबी अवधि में कंपनियों के कारोबार और निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, आर्थिक विकास का अनुमान शेयर बाजार में तेजी की गारंटी नहीं देता। निवेशकों को बाजार के जोखिम और अपनी वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए।
निफ्टी के लिए 22,575 का स्तर अहम
रिपोर्ट में तकनीकी विश्लेषकों के हवाले से निफ्टी के लिए 22,575 के स्तर को महत्वपूर्ण बताया गया है।
- संभावित प्रतिरोध स्तर: निफ्टी के 22,800 से 23,200 तक पहुंचने की संभावना का उल्लेख किया गया है, यदि सूचकांक मजबूती बनाए रखता है।
- सपोर्ट स्तर: 22,295 को महत्वपूर्ण सहारा बताया गया है।
ये तकनीकी स्तर बाजार की संभावित दिशा का आकलन हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। वास्तविक बाजार की चाल बदलती परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
शेयर बाजार में तेजी के बावजूद जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, शेयर का मूल्यांकन, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि पर विचार करना जरूरी है।
निष्कर्ष: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के साथ ऑटो और मीडिया सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की आगे की दिशा निर्भर कर सकती है।
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