Tuesday, September 15, 2026

RIMS Dental College: स्टाइपेंड के लिए इंटर्न डॉक्टरों ने बंद की OPD, निदेशक के भरोसे पर लौटे काम पर.

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रांची: रिम्स डेंटल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड का भुगतान नहीं होने के विरोध में मंगलवार को काम रोक दिया। इससे डेंटल कॉलेज की ओपीडी करीब ढाई घंटे तक प्रभावित रही। दांतों का इलाज कराने पहुंचे मरीजों को इस दौरान परेशानी और इंतजार का सामना करना पड़ा।

बाद में रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा के आश्वासन के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त कर दी और अपने काम पर लौट गए। निदेशक ने भरोसा दिलाया कि मंगलवार शाम तक लंबित स्टाइपेंड की राशि जारी कर दी जाएगी।

निदेशक से बातचीत के बाद खत्म हुआ विरोध

इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की सूचना मिलने के बाद निदेशक डॉ. डीके सिन्हा करीब साढ़े 11 बजे डेंटल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से बातचीत की और स्टाइपेंड से जुड़ी उनकी समस्या सुनी।

डॉक्टरों ने लंबे समय से भुगतान लंबित रहने की बात रखी। इसके बाद निदेशक ने शाम तक राशि रिलीज करने का आश्वासन दिया। प्रबंधन की ओर से मिले इस भरोसे के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।

साढ़े तीन महीने से लंबित है स्टाइपेंड

इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें लगभग साढ़े तीन महीने से स्टाइपेंड नहीं मिला है। भुगतान को लेकर वे पहले भी रिम्स प्रबंधन से संपर्क कर चुके थे। डॉक्टरों का कहना है कि प्रबंधन की ओर से तकनीकी समस्या का हवाला दिया जा रहा था, लेकिन लंबे समय तक राशि नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ती गई।

आर्थिक दबाव के कारण मंगलवार को इंटर्न डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से काम बंद करने का फैसला लिया।

OPD प्रभावित, मरीजों को करना पड़ा इंतजार

इंटर्न डॉक्टरों की अनुपस्थिति का सीधा असर डेंटल कॉलेज की ओपीडी पर पड़ा। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को निर्धारित समय पर सेवा नहीं मिल सकी और कई लोगों को इंतजार करना पड़ा।

हालांकि, सीनियर डॉक्टरों ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से ओपीडी का काम सामान्य रूप से नहीं चल पाया। करीब ढाई घंटे बाद डॉक्टरों के काम पर लौटने से व्यवस्था दोबारा बहाल हुई।

हर महीने 30 हजार रुपये मिलता है स्टाइपेंड

रिम्स डेंटल कॉलेज में फिलहाल 39 इंटर्न डॉक्टर कार्यरत हैं। प्रत्येक इंटर्न को हर महीने 30 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में दिया जाता है।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि कई महीनों से भुगतान रुके रहने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब निदेशक के आश्वासन के बाद उन्हें उम्मीद है कि लंबित राशि जल्द जारी कर दी जाएगी।

फिलहाल इंटर्न डॉक्टर काम पर लौट चुके हैं, लेकिन स्टाइपेंड की राशि वास्तव में कब जारी होती है, इस पर उनकी नजर बनी हुई है।

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