रांची: झारखंड में वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के भुगतान में देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लाभुकों को पिछले पांच से छह महीनों से पेंशन की राशि नहीं मिली है। इसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है।
पेंशन पर निर्भर हैं कई जरूरतमंद परिवार
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन अनेक लोगों के लिए आय का अहम साधन है। इस राशि से कोई अपनी दवाइयों का खर्च निकालता है, तो किसी के घर का राशन चलता है। ऐसे में भुगतान में लंबे समय तक रुकावट से सीधे तौर पर जरूरतमंद परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पेंशन की रकम भले ही सामान्य तौर पर छोटी दिखाई दे, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए इसका महत्व काफी अधिक है। नियमित भुगतान नहीं होने पर बुजुर्गों और दिव्यांग लाभुकों को जरूरी खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर होना पड़ सकता है।
दवा और भोजन के खर्च की चिंता
नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक पेंशन नहीं मिलने से कई लाभुक दवा और भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
बाबूलाल मरांडी ने पेंशन की राशि को अलग-अलग वर्गों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बुजुर्गों के लिए यह दवा और इलाज में मदद करती है, जबकि विधवा महिलाओं के लिए घरेलू जरूरतों का सहारा बनती है। दिव्यांग लाभुकों के लिए भी यह आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने में मददगार है।
सरकार से तत्काल भुगतान की मांग
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से पेंशन भुगतान में देरी के मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन लाभुकों की पेंशन लंबित है, उन्हें बकाया राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा जरूरतमंद लाभुकों को राहत देने की अपील की।
