Thursday, August 13, 2026

RIMS में MBBS के बाद अब PG सीटें बढ़ाने की तैयारी, 275 तक विस्तार का प्रस्ताव.

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रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में अब स्नातकोत्तर (PG) और पोस्ट-PG सीटों को बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। MBBS की स्वीकृत सीटें 180 से बढ़कर 250 किए जाने के बाद संस्थान के लिए नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने पर काम चल रहा है।

इस संबंध में नेपाल हाउस स्थित मंत्रालय में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में RIMS के शैक्षणिक विस्तार, अस्पताल की सुविधाओं और विभिन्न निर्माण एवं विकास योजनाओं पर चर्चा की गई।

PG और पोस्ट-PG सीटों में बड़े विस्तार की योजना

बैठक में PG सीटों को मौजूदा 176 से बढ़ाकर 275 करने और पोस्ट-PG सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके लिए जरूरी संसाधनों और आधारभूत संरचना की जरूरत का आकलन करते हुए DPR तैयार करने पर जोर दिया गया।

MBBS सीटों को 250 करने की मंजूरी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की ओर से दी गई है। सीटों में बढ़ोतरी के साथ संस्थान में शैक्षणिक और मरीजों से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई।

पुराने भवनों के रेनोवेशन पर भी जोर

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बढ़ी हुई छात्र संख्या के अनुरूप RIMS के पुराने IPD, OPD और एकेडमिक ब्लॉक का नवीनीकरण एवं विस्तार जरूरी है। इन कार्यों से संबंधित प्रस्ताव केंद्र प्रायोजित योजना के तहत भेजने की तैयारी है।

प्रस्तावित विकास कार्यों की अनुमानित लागत करीब ₹380 करोड़ बताई गई है। इसके तहत RIMS के नॉर्थ और साउथ कैंपस में स्थित हॉस्टल तथा क्वार्टर के रेनोवेशन को भी शामिल किए जाने की योजना है।

PPP मॉडल पर हॉस्टल और स्टेडियम का प्रस्ताव

बैठक में PG और पोस्ट-PG छात्रों के लिए हॉस्टल के अलावा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं को PPP मॉडल के तहत आगे बढ़ाने की योजना है और इन पर करीब ₹450 करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

मरीजों के एडमिशन-डिस्चार्ज के लिए बनेगा SOP

बैठक में अस्पताल में मरीजों के दाखिले और डिस्चार्ज की व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट SOP तैयार करने को कहा, ताकि मरीजों की जरूरत के अनुसार अस्पताल के बेड का बेहतर इस्तेमाल हो सके।

उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज जिन्हें लगातार इन-पेशेंट देखभाल की आवश्यकता नहीं है, उन्हें चिकित्सकीय मानकों के आधार पर समय पर डिस्चार्ज किया जाना चाहिए। इससे गंभीर स्थिति वाले नए मरीजों के लिए बेड उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

रेफरल व्यवस्था को बेहतर करने पर जोर

अधिकारियों को RIMS में मरीजों के रेफरल सिस्टम को अधिक व्यवस्थित करने का निर्देश भी दिया गया। बिना रेफरल आने वाले मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया को जरूरत के आधार पर नियंत्रित करने पर जोर दिया गया, ताकि संस्थान के उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।

बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, RIMS के कार्यकारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा, सहायक निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण सहित स्वास्थ्य विभाग और RIMS के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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