Sunday, June 14, 2026

Reliance और Meta की साझेदारी में जामनगर में बनने वाला 168MW डेटा सेंटर भारत में Meta का पहला built-to-suit इंफ्रास्ट्रक्चर होगा.

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मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड और अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी मेटा ने मिलकर गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता वाला एक बड़ा डेटा सेंटर बनाने का फैसला किया है. यह भारत में मेटा के लिए पहला बिल्ट-टू-सूट डेटा सेंटर होगा, यानी इसे पूरी तरह से मेटा की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा.

इस प्रोजेक्ट को दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसमें भविष्य में क्षमता बढ़ाने का ऑप्शन भी रखा गया है. दोनों कंपनियों ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है, जो भारत को ग्लोबल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के नक्शे पर एक अहम जगह दिलाएगा.

इस पार्टनरशिप में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की भूमिका किसी साधारण निर्माणकर्ता से कहीं बड़ी है. यह भारतीय कंपनी इस डेटा सेंटर के डिजाइन से लेकर निर्माण, यूटिलिटी मैनेजमेंट, नेटवर्क कनेक्टिविटी, रिन्यूएबल पावर सप्लाई और पूरी तरह से प्रबंधित संचालन तक हर काम संभालेगी. यह डेटा सेंटर मेटा के ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करेगा और उसकी AI कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करेगा.

रिन्यूएबल एनर्जी और जामनगर की खासियत

इस प्रोजेक्ट की एक और बड़ी खास बात यह है कि यह डेटा सेंटर पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी से चलेगा और इसे ठंडा रखने के लिए समुद्री पानी को डिसैलिनेट करके इस्तेमाल किया जाएगा. आजकल दुनिया भर में डेटा सेंटर के लिए बहुत ज्यादा एनर्जी की जरूरत पड़ रही है और पानी के उपयोग की वजह से एआई पर्यावरण पर बोझ बनता जा रहा है. ऐसे में यह कदम एक जिम्मेदार और टिकाऊ सोच को दर्शाता है. मेटा ने भारत की दो प्रमुख क्लीन एनर्जी कंपनियों CleanMax और Fourth Partner Energy के साथ अलग से डील की है, जिससे करीब एक गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी की व्यवस्था होगी.

The inside of a data centre depicting a long aisle with rows of server racks on both sides

जामनगर को इस प्रोजेक्ट के लिए चुनने के पीछे कई बड़े कारण हैं. यहां से भारत के पश्चिमी समुद्री केबल लैंडिंग स्टेशन नजदीक हैं, जियो का विस्तृत फाइबर नेटवर्क मौजूद है और रिन्यूएबल एनर्जी और पानी की उपलब्धता भी अच्छी है. मुकेश अंबानी ने इसे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा चेंजिंग मूमेंट बताया है. उन्होंने कहा कि जामनगर अब हाइपरस्केल AI कंप्यूटिंग का एक बड़ा केंद्र बनेगा. मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी भारत की अर्थव्यवस्था में लंबे टाइम वाले इन्वेस्टमेंट की बात करते हुए इस पार्टनरशिप को बेहद खास बताया.

गौर करने वाली बात यह है कि यह मेटा और रिलायंस की पहली पार्टनरशिप नहीं है. इससे पहले साल 2020 में मेटा ने रिलायंस के अंदर आने वाली जियो प्लेटफॉर्म्स में 5.7 अरब डॉलर का निवेश किया था. उस वक्त यह भारत के डिजिटल बाजार में एक बड़ी एंट्री थी. अब एक बार इन दोनों कंपनियों ने मिलकर भारत में एक बड़ी इन्वेस्टमेंट का प्लान बनाया है.

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