Monday, September 21, 2026

Ranchi University News: ट्रांसफर आदेश में कर्मचारी की पदस्थापना को लेकर सवाल, पुराने रिकॉर्ड पर निर्भरता का आरोप.

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Ranchi University News: रांची विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के हालिया स्थानांतरण आदेश को लेकर प्रशासनिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के ज्ञापांक RU/R/8268/26 के तहत जारी आदेश में कर्मचारी असलम ईमाम का वर्तमान पदस्थापन स्थल ‘ईडीपी सीओ, रांची विश्वविद्यालय’ दर्ज किया गया है। वहीं, उपलब्ध पूर्व रिकॉर्ड के अनुसार उनका पदस्थापन पहले ही लाइब्रेरी स्थित सेंसस ऑफिस में किए जाने की बात सामने आ रही है।

ट्रांसफर ऑर्डर में दर्ज है अलग पदस्थापन

स्थानांतरण आदेश में असलम ईमाम की वर्तमान तैनाती ईडीपी सीओ के तौर पर दर्शाई गई है। दूसरी ओर, पूर्व में जारी प्रशासनिक आदेशों के मुताबिक उनके लाइब्रेरी के सेंसस ऑफिस में पदस्थापित होने की जानकारी दी जा रही है।

इस अंतर के कारण विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के पदस्थापन और विभाग से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट रखने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थापना शाखा के रिकॉर्ड पर भी सवाल

मामले को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि स्थानांतरण आदेश तैयार करने से पहले कर्मचारियों की मौजूदा पदस्थापना की जानकारी किस स्तर पर सत्यापित की गई। यदि किसी कर्मचारी की वर्तमान तैनाती और आदेश में दर्ज विभाग अलग-अलग हैं, तो इससे प्रशासनिक रिकॉर्ड के नियमित अपडेट की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऐसी रिकॉर्ड विसंगति के कारण को लेकर कोई स्पष्ट सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

प्रशासनिक समन्वय को लेकर उठी आपत्ति

मामले को लेकर विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोगों ने प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों के स्थानांतरण जैसे आदेश जारी करने से पहले संबंधित विभागों से मौजूदा पदस्थापन की पुष्टि की जानी चाहिए।

आलोचकों का यह भी कहना है कि रिकॉर्ड में इस तरह की विसंगति रहने पर भविष्य में कर्मचारियों की तैनाती, जिम्मेदारी और प्रशासनिक आदेशों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग

मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से कर्मचारियों के पदस्थापन संबंधी रिकॉर्ड की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार करने की मांग की गई है। साथ ही, नए स्थानांतरण आदेश जारी करने से पहले संबंधित कर्मचारी के वर्तमान कार्यस्थल और विभाग का सत्यापन करने पर जोर दिया जा रहा है।

फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि असलम ईमाम की वास्तविक वर्तमान पदस्थापना क्या है और स्थानांतरण आदेश में अलग विभाग का उल्लेख किस आधार पर किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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