Tuesday, August 18, 2026

Ranchi News: सहायक प्राध्यापकों के पे फिक्सेशन में देरी पर जुटान नाराज, 10 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन.

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रांची: झारखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जुटान) ने सहायक प्राध्यापकों के पे फिक्सेशन में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई है। मंगलवार को डीएसपीएमयू में हुई संगठन की कार्यकारिणी बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर सभी संबंधित शिक्षकों का पे फिक्सेशन पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

पे फिक्सेशन में तेजी लाने की मांग

बैठक में जुटान के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के पे फिक्सेशन से जुड़ी प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। संगठन ने संबंधित स्तर पर कार्रवाई तेज करते हुए सभी पात्र सहायक प्राध्यापकों का वेतन निर्धारण जल्द पूरा करने की मांग की।

जुटान के दोनों संयोजक कंजीव लोचन और गणेश चंद्र बास्के, अध्यक्ष जगदीश लोहरा, संयुक्त सचिव डॉ. अवध बिहारी महतो, कोषाध्यक्ष डॉ. राहुल कुमार और प्रकाशन सचिव डॉ. विनय गुप्ता बैठक में मौजूद रहे। कार्यकारिणी सदस्य डॉ. विनय भरत, डॉ. मीनाक्षी कुजूर, डॉ. अशोक रवानी, डॉ. ऋचा और डॉ. स्वाति सोरेन ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुईं।

JPSC और विश्वविद्यालय सेवा आयोग को सक्रिय करने की मांग

बैठक में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। जुटान ने दोनों संस्थाओं को जल्द सक्रिय करने और आवश्यक पदों पर योग्य व्यक्तियों की नियुक्ति की मांग की।

संगठन का कहना है कि इन संस्थाओं के प्रभावी रूप से काम करने से शिक्षकों की प्रोन्नति सहित कई लंबित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

2018 के बाद नियुक्त शिक्षकों की पदोन्नति का मुद्दा

जुटान ने वर्ष 2018 के बाद नियुक्त शिक्षकों की प्रोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की भी मांग की। संगठन के मुताबिक, पदोन्नति की प्रक्रिया में आ रही अड़चनों को जल्द दूर कर पात्र शिक्षकों को समय पर इसका लाभ दिया जाना चाहिए।

संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा

कार्यकारिणी की बैठक में शिक्षकों से जुड़े अन्य लंबित विषयों के अलावा संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर भी विचार किया गया। सदस्यों ने संगठन को और प्रभावी बनाने तथा शिक्षकों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक मजबूती से पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां तेज करने का निर्णय लिया।

जुटान ने फिलहाल 10 दिनों की समयसीमा तय की है। अब पे फिक्सेशन पर विभागीय स्तर से होने वाली कार्रवाई पर संगठन की आगे की रणनीति निर्भर करेगी।

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