रांची: रांची के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार को दोबारा पद पर नियुक्त करने की मांग को लेकर कई सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने आवाज उठाई है। लहू बोलेगा रक्तदान संगठन और झारखंड थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, हीमोफीलिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ित एसोसिएशन ने इस मांग के समर्थन में 5 अगस्त को नेपाल हाउस स्थित स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के समक्ष राज्यस्तरीय प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
इस मुद्दे पर रविवार को रांची सदर अस्पताल के ब्लड बैंक परिसर में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में रक्तदाता, विभिन्न रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज, उनके परिजन, सामाजिक कार्यकर्ता और रक्तदान अभियान से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नदीम खान ने की, जबकि संचालन सीमा देवी ने किया।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि रांची सदर अस्पताल ने पिछले वर्षों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनका दावा था कि इस उपलब्धि में डॉ. प्रभात कुमार के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनका तबादला या पद से हटाया जाना उचित निर्णय नहीं माना जा सकता।
संगठनों ने मांग की कि डॉ. प्रभात कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति तक पुनः रांची का सिविल सर्जन नियुक्त किया जाए। उनका कहना था कि जब कई अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, तब इस मामले में अलग निर्णय लिए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने ब्लड बैंक की व्यवस्था, रक्तदान अभियान, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, जन औषधि केंद्र, एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की व्यापक समीक्षा कराने और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी के साथ जनसुनवाई जैसी प्रक्रिया अपनाने की मांग भी की गई।
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर 5 अगस्त को नेपाल हाउस स्थित स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों, रक्तदाताओं, मरीजों और उनके परिजनों के शामिल होने की संभावना जताई गई।
