नई दिल्ली: छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए केंद्र सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए ब्याज दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश में छोटी बचत योजनाओं की मौजूदा ब्याज दरों को बरकरार रखा है। यानी 1 अक्टूबर से शुरू हुई नई तिमाही में PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और अन्य प्रमुख योजनाओं पर पहले जैसी दरें ही लागू रहेंगी।
PPF पर 7.1%, सुकन्या योजना पर 8.2%
सरकार के फैसले के बाद अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए प्रमुख छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें इस प्रकार हैं:
| योजना | ब्याज दर |
|---|---|
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2% |
| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) | 8.2% |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% |
| पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम | 7.4% |
| 5-वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट | 7.5% |
| 5-वर्षीय पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट | 6.7% |
इन दरों में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हर तीन महीने में होती है समीक्षा
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की सरकार तिमाही आधार पर समीक्षा करती है। इन दरों के निर्धारण में संबंधित अवधि की सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) की यील्ड और निर्धारित स्प्रेड जैसे कारकों को आधार बनाया जाता है। हालांकि बाजार में बदलाव होने के बावजूद दरों में बदलाव स्वतः नहीं होता; अंतिम निर्णय सरकार की अधिसूचना के जरिए होता है।
निवेशकों के लिए क्या बदला?
अक्टूबर में नई तिमाही शुरू होने के बावजूद PPF, SSY, SCSS और NSC जैसी प्रमुख योजनाओं की दरें पहले की तरह ही बनी रहेंगी। इसका मतलब है कि मौजूदा तिमाही में इन योजनाओं की घोषित ब्याज दरों में कोई कटौती या बढ़ोतरी नहीं हुई है।
PPF जैसी दीर्घकालिक बचत योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए तिमाही दर की जानकारी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे उन्हें संबंधित अवधि में लागू सरकारी ब्याज दर का पता चलता है।
हालांकि किसी भी निवेश योजना का चुनाव व्यक्ति की जरूरत, अवधि, जोखिम क्षमता और कर संबंधी स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए निवेश से पहले योजना की मौजूदा शर्तों और आधिकारिक नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।
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