पटना, बिहार | 12 अक्टूबर 2026
बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो निर्माण कार्य को गति देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना मेट्रो परियोजना का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को वर्ष 2028 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित कर काम करने का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने नेहरू पथ पर जे.डी. विमेंस कॉलेज और हाईकोर्ट चौराहे के पास बिहार म्यूजियम के नजदीक फुट ओवरब्रिज बनाने के निर्देश भी दिए। इनका उद्देश्य व्यस्त सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
मुख्यमंत्री ने मेट्रो निर्माण कार्यों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना में मेट्रो परियोजना के निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इनकम टैक्स गोलंबर, हाईकोर्ट चौराहे और हनुमान मंदिर के आसपास चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति और आगे की योजना पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
नेहरू पथ पर कहां बनेंगे नए फुट ओवरब्रिज?
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नेहरू पथ पर पैदल यात्रियों की सुविधा को लेकर भी निर्देश दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, दो स्थानों पर फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना है।
- जे.डी. विमेंस कॉलेज के पास
- हाईकोर्ट चौराहे पर बिहार म्यूजियम के नजदीक
इन स्थानों पर फुट ओवरब्रिज बनने से पैदल यात्रियों को व्यस्त सड़क पार करने में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, निर्माण की समयसीमा और विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी संबंधित विभाग की ओर से स्पष्ट की जानी बाकी है।
निर्माण के दौरान आम लोगों को कम हो परेशानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेट्रो निर्माण के दौरान आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। उन्होंने यातायात प्रबंधन, सड़क पर आवागमन और निर्माण स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ शहरवासियों की रोजमर्रा की जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। निर्माण कार्य इस तरह किए जाने चाहिए कि लोगों के दैनिक आवागमन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने पटना मेट्रो को राजधानी की परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखने को कहा।
उनके निर्देश के अनुसार, निर्माण में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता, सुरक्षा और जनसुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
पटना मेट्रो परियोजना की लागत और लंबाई कितनी है?
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण की लागत को छोड़कर पटना मेट्रो परियोजना की अनुमानित लागत करीब 13,365 करोड़ रुपये है। परियोजना की कुल लंबाई लगभग 32.5 किलोमीटर बताई गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 6 किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पटना के आईएसबीटी, जीरोमाइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा का परिचालन होने की जानकारी भी दी गई है।
दिसंबर 2026 तक खेमनीचक इंटरचेंज शुरू होने की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार, खेमनीचक इंटरचेंज स्टेशन को दिसंबर 2026 तक चालू करने की संभावना जताई गई है। इस स्टेशन के शुरू होने से यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो मार्गों के बीच बदलने में सुविधा मिल सकती है।
हालांकि, स्टेशन के संचालन की वास्तविक तारीख संबंधित मेट्रो प्राधिकरण की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।
2028 का लक्ष्य पटना के लिए क्यों अहम?
पटना मेट्रो परियोजना से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ने और सड़क यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यदि निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ता है, तो शहर के कई इलाकों में आवागमन अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 2028 तक परियोजना पूरी करने के लक्ष्य के साथ काम करने और निर्माण की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया है। अब देखना होगा कि निर्माण की गति और तकनीकी चुनौतियों के बीच परियोजना तय समयसीमा के कितने करीब पहुंच पाती है।
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