Thursday, July 2, 2026

NIA जांच में जुटी – बिहार पुलिस ने किशनगंज से PFI संदिग्ध को धर दबोचा

Share

किशनगंज में पुलिस ने PFI से जुड़े होने के संदेह में महबूब आलम नदवी (39) को हिरासत में लिया. यह कार्रवाई हलीम चौक क्षेत्र से हुई. NIA की टीम जल्द घटनास्थल पहुंचेगी और मामले की गहन जांच कर अहम खुलासे करेगी.

बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े होने के संदेह में महबूब आलम नदवी (39) को हिरासत में लिया. यह गिरफ्तारी हलीम चौक क्षेत्र से की गई, जहां से महबूब को पकड़कर पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य संभावित आपराधिक गतिविधियों की समय रहते रोकथाम करना है.

संदिग्ध का परिचय और पृष्ठभूमि

महबूब आलम नदवी मूल रूप से कटिहार जिले के बंशीबाड़ी क्षेत्र के रहने वाला है. मार्च 2025 से वह किशनगंज में रह रहा था और एक निजी स्कूल में शिक्षक के तौर पर काम कर रहा था. उसने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, से पढ़ाई की 2016-17 में बिहार में PFI का राज्य अध्यक्ष पद संभाला था, जिससे उसके संगठन से जुड़े होने की जानकारी सामने आई.

पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और जांच

महबूब का नाम पहले 2022 में फुलवारी शरीफ मामले में सामने आया था. मामला बाद में NIA को भेजा गया था, क्योंकि इसमें संगठन से संबंधित गंभीर आरोप शामिल थे. पुलिस का कहना है कि महबूब की गतिविधियों पर संदेह के चलते उनका लगातार मॉनिटरिंग किया जा रहा था, और यह गिरफ्तारी उसी का नतीजा है

NIA की भूमिका और आगे की जांच

महबूब की हिरासत में आने के बाद NIA की एक विशेष टीम किशनगंज पहुंच रही है. टीम मामले की गहन जांच करेगी और संगठन से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश करेगी. यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि PFI पर पहले से ही कई गंभीर आरोप दर्ज हैं और संगठन की गतिविधियों पर केंद्रीय एजेंसियां नजर रख रही हैं.

पुलिस ने बताया कि हिरासत और जांच से क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति का आंकलन किया जा रहा है. सभी पहलुओं पर नजर रखते हुए, दोषियों तक पहुँचने और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. NIA की जांच पूरी होने के बाद मामले में और अहम खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे संगठन से जुड़े अन्य गतिविधियों का भी पता चलेगा.

Read more

Local News